नागपुर में गोला-बारूद की फैक्ट्री में विस्फोट, 18 की मौत, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख

Explosion in Ammunition Factory: महाराष्ट्र के नागपुर जिले के राउलगांव स्थित गोला-बारूद निर्माण कंपनी एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में रविवार सुबह करीब 7 बजे भीषण धमाका हुआ, जिसमें 18 कर्मचारियों की मौत हो गई। जबकि 18 अन्य घायल हो गए, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में आग लग गई, जिस पर दमकल विभाग की कई गाड़ियां की मदद ली गई और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के मुताबिक धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री परिसर में चारों तरफ मलबा फैल गया। कई कर्मचारी मलबे में दब गए थे, जिन्हें रेस्क्यू टीमों ने बाहर निकाला।
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घायलों को नागपुर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह कर्मचारी काम पर पहुंचे ही थे कि प्लांट में डेटोनेटर तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान अचानक तेज धमाका हो गया। विस्फोट इतना भीषण था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। हादसे के समय फैक्ट्री में 30 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे थे। एसबीएल एनर्जी लिमिटेड के कलमेश्वर क्षेत्र में स्थित औद्योगिक विस्फोटकों की प्रमुख निर्माता कंपनी है। कंपनी खनन परियोजनाओं के लिए विस्फोटक और डेटोनेटर जैसे उत्पाद तैयार करती है। (Explosion in Ammunition Factory)
बाउंड्री वॉल तक पहुंची आग की लपटें
धमाके के बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग की लपटें फैक्ट्री की बाउंड्री वॉल तक पहुंच गई थी। सुरक्षा कारणों से आसपास के इलाके को खाली कराया गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के गांवों के लोग घटनास्थल के पास जमा हो गए थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि नागपुर के एक फैक्ट्री में हुए विस्फोट से लोगों के हताहत होने के समाचार से मुझे गहरा दुख पहुंचा है। मैं स्वजनों को खोने वाले शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त करती हूं और घायल हुए लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करती हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताया है। साथ ही मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने राहत-बचाव कार्य किया। फिलहाल विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है।




