पूर्व CM भूपेश बघेल को SC से नहीं मिली राहत, बीजेपी ने इसे बताया चोर के दाढ़ी में तिनका

BJP on Bhupesh Petition: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से झटका मिला है। दरअसल, SC ने ED के मामलों को लेकर लगाई अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट जाने की सलाह दी है। वहीं इसे लेकर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। पूर्व मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि विपक्ष का विषय हवा हवाई रहता है। भूपेश बघेल किस अज्ञात बात से पीड़ित है, पता नहीं। भूपेश बघेल को किस अज्ञात बात का डर है, पता नहीं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चोर के दाढ़ी में तिनका कवाहवत चरितार्थ भी होता है। जब गड़बड़ नहीं किए हैं तो क्यों सुप्रीम कोर्ट भाग रहे हैं। जांच एजेंसियां का सामना करना चाहिए। जांच एजेंसियां स्वतंत्र हैं। कार्रवाई सबूतों के आधार पर हुई है। कवासी लखमा का मामला हो या अधिकारियों का, साय सरकार सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार सुशासन की दिशा में लगातार काम कर रही है।
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दुर्ग जिले के वैशाली नगर से बीजेपी के विधायक रीकेश सेन ने भी जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल को इसका अंदेशा है कि उनका नाम चार्ज सीट में आ चुका है और कहीं ना कहीं पिछले 5 सालों में जितने भी घोटाले हुए चाहे वह शराब का घोटाला हो कोल का घोटाला हो या महादेव ऑनलाइन सट्टा एप का घोटाला हो इसमें उनका नाम सामने आ रहा है। इसलिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई है, लेकिन यह तो स्पष्ट हो गया है कि 2018 से 2023 तक कांग्रेस की सरकार में पिछले 5 सालों में अधिकारी हो नेता हो या मंत्री हो सभी घोटाले में लिप्त थे और इसलिए कुछ लोग जेल में है और कुछ लोग बेल में है। (BJP on Bhupesh Petition)
सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। साथ ही शराब घोटाले, कोल घोटाले और महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के मामले में अपना नाम सामने आने पर उन्होंने अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की है, जिस पर SC ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। बता दें कि 18 जुलाई को ED ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से ही चैतन्य जेल में है। वहीं शराब घोटाला केस में रायपुर जेल में बंद चैतन्य बघेल की रिमांड फिर बढ़ गई है। चैतन्य को 18 अगस्त तक 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ के शराब, कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी जांच के दायरे में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED), आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) मामले की जांच कर रही है, जिसकी गिरफ्तारी से बचने भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। (BJP on Bhupesh Petition)



