शराब घोटाला मामले में पूर्व CM केजरीवाल और सिसोदिया बरी, कोर्ट ने कहा- बिना सबूत आरोप साबित नहीं होते

Kejriwal Gets Clean Chit: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शराब नीति घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी CM मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि दोनों के खिलाफ आरोप बिना ठोस सबूत के साबित नहीं होते। कोर्ट ने कुल 23 आरोपियों को इस मामले में बरी कर दिया। साथ ही कहा कि चार्जशीट में कई खामियां थी, आरोप किसी गवाह या सबूत से साबित नहीं हुए। सीबीआई सिसोदिया के खिलाफ मामले को पहले नजर में भी साबित नहीं कर सकी। केजरीवाल का नाम बिना ठोस सबूत के जोड़ा गया। संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगाना बिना पुख्ता सामग्री के कानून के सिद्धांतों के खिलाफ है।
यह भी पढ़ें:- अगर आप व्हाट्सएप यूजर हैं तो पढ़ लें ये खबर, 1 मार्च 2026 से बदल जाएंगे नियम
दिल्ली कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट में विरोधाभासी बातें थी, जो कथित साजिश की पूरी थ्योरी को कमजोर करती हैं। मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह को बरी करते हुए जज ने कहा कि उनके खिलाफ कोई ठोस सामग्री नहीं थी। कोर्ट ने CBI के जांच अधिकारी (IO) के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए। सिसोदिया पर आरोप था कि वे शराब नीति बनाने और लागू करने के जिम्मेदार थे, लेकिन कोई सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने कहा कि शराब नीति संस्थागत सुरक्षा उपायों के तहत तैयार की गई थी, पॉलिसी बनाने के तरीके और ढंग पर कोई संदेह नहीं हो सकता। (Kejriwal Gets Clean Chit)
सत्य की जीत हुई: अरविंद केजरीवाल
कोर्ट के बाहर केजरीवाल ने मीडिया से बात की। इस दौरान केजरीवाल भावुक हो गए और रोने लगे। साथ ही कहा कि जिस तरह से बीजेपी शराब घोटाला, शराब घोटाला कर रही थी, हमारे ऊपर आरोप लगा रही थी। आज कोर्ट ने हमें बरी कर दिया। हम हमेशा कहते थे सत्य की जीत होती है। भगवान हमारे साथ हैं। मोदी जी और अमित शाह जी ने यह सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र रचा। आम आदमी पार्टी के टॉप 4 लीडर को जेल में डाल दिया। सिटिंग मुख्यमंत्री को जेल में डाल दिया। मैं प्रधानमंत्री जी से अपील करता हूं कि देश में इतनी समस्याएं हैं, उन्हें दूर करके अच्छे काम करके सत्ता में आइए। दूसरों पर आरोप लगाना प्रधानमंत्री जी को शोभा नहीं देता।
गिरफ्तारी से बरी तक की टाइमलाइन
- अरविंद केजरीवाल 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार हुए और 177 दिन बाद रिहा हुए।
- संजय सिंह 4 अक्टूबर 2023 को गिरफ्तार हुए और 181 दिन बाद रिहा हुए।
- मनीष सिसोदिया 26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार हुए और 510 दिन बाद रिहा हुए।
- के कविता 15 मार्च 2024 को गिरफ्तार हुई और 150 दिन बाद रिहा हुई।
बता दें कि पिछले साल दिल्ली शराब नीति को लेकर CAG यानी कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया की रिपोर्ट लीक हुई थी। इसमें सरकार को 2026 करोड़ रुपए के रेवेन्यू लॉस का जिम्मेदार बताया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि नीति में लाइसेंस देने में खामियां थी और कथित रूप से AAP नेताओं को फायदा पहुंचाया गया। केजरीवाल के वकील विवेक जैन ने कहा कि कोर्ट ने सभी सबूतों की बारीकी से जांच की और कोई भी आरोप साबित नहीं हुआ। कोर्ट ने साफ कहा कि नीति बनाने के तरीके पर कोई संदेह नहीं। इस फैसले से आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं पर लगे आरोप खत्म हो गए हैं। कोर्ट ने कहा कि बिना ठोस सबूत के आरोप लगाना और राजनीतिक विरोधियों पर हमला करना न्याय संगत नहीं।
शराब नीति मामले की टाइम लाइन
- नवंबर 2021 में केजरीवाल सरकार ने नई एक्साइज पॉलिसी लागू की।
- जुलाई 2022 में लेफ्टिनेंट गवर्नर वी.के. सक्सेना ने गड़बड़ी बताई और CBI जांच की मांग की।
- अगस्त 2022 में CBI और ED ने अलग-अलग केस दर्ज किए।
- सितंबर 2022 में दिल्ली सरकार ने नई एक्साइज पॉलिसी रद्द कर दी।
- 21 मार्च 2024 को अरविंद केजरीवाल को ED ने गिरफ्तार किया।
- 26 जून 2024 को CBI ने उन्हें गिरफ्तार किया और 3 दिन की हिरासत में भेजा।
- 12 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने ED केस में केजरीवाल को जमानत दी।
- 27 फरवरी 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल और सिसोदिया को बरी कर दिया।



