पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष तेज, दोनों पक्षों में भारी नुकसान

Pakistan and Afghanistan Conflicts: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात पूरी तरह जंग जैसे हो गए हैं। गुरुवार रात से शुरू हुए इस संघर्ष में दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक और गोलीबारी की। पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के काबुल, कंधार, नंगरहार, पक्तिया और पक्तिका समेत कई प्रांतों में एयरस्ट्राइक की। इसके जवाब में अफगान तालिबान ने पाकिस्तान में फैजाबाद और अन्य सैन्य ठिकानों पर हमले किए। दोनों तरफ से अब तक करीब 300 से ज्यादा लोग मारे गए और 500 से ज्यादा घायल हैं। 22 फरवरी 2026 को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तानी दावा था कि यह हमले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और ISIS से जुड़े ठिकानों पर किए गए थे।
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26 फरवरी 2026 की रात अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक का जवाब देते हुए सीमा पार कार्रवाई की। इसके बाद पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू कर कई प्रांतों में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान ने दावा किया कि 274 अफगान लड़ाके मारे गए और 400 से ज्यादा घायल हुए। वहीं तालिबान ने दावा किया कि उसने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। अफगान सरकार ने दावा किया है कि 23 पाकिस्तानी सैनिकों के शव उसके पास हैं। पाकिस्तानी सेना के एक हेडक्वॉर्टर और 19 चौकियों पर भी कब्जा कर किया है। 115 टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां नष्ट की। 74 चौकियों को तबाह किया। अफगान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तालिबानी लड़ाकों ने एक पाकिस्तानी जेट मार गिराने का दावा किया, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई। पाकिस्तानी सेना का कहना है कि तालिबान हमलों के पीछे भारत का हाथ है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और मध्यस्थता का प्रयास
- कतर ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान को अपने मतभेद बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से सुलझाने का सुझाव दिया, ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे।
- चीन ने पड़ोसी और मित्र के रूप में दोनों देशों से अपील की है कि वे तनाव कम करें और सैन्य कार्रवाई की बजाय संवाद पर ध्यान दें।
- रूस ने दोनों देशों से तुरंत डी-एस्केलेशन और कूटनीतिक समाधान अपनाने की अपील की। साथ ही कहा कि अगर दोनों चाहें तो मॉस्को मध्यस्थता कर सकता है।
- मलेशिया के प्रधानमंत्री ने दोनों पक्षों से सभी सैन्य कार्रवाइयां तुरंत रोकने और संयम बरतने की अपील की, ताकि जनहानि रोकी जा सके।
- ब्रिटेन ने दोनों देशों से आम लोगों को नुकसान न पहुंचाने, हिंसा रोकने और बातचीत से मसले सुलझाने की सलाह दी।
- ईरान ने रमजान के महीने के अवसर पर मध्यस्थता की पेशकश की और सुझाव दिया कि संवाद और अच्छे पड़ोसी संबंधों के जरिए मतभेद सुलझाए जाएं।
- अमेरिकी ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान में बढ़ते तनाव के मद्देनजर अपने नागरिकों को अफगानिस्तान की यात्रा न करने की चेतावनी जारी की।
पाकिस्तान की सुरक्षा उपाय और घोषणा
पाकिस्तानी संसद ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने अफगान तालिबान को गैर-कानूनी करार दिया और कहा कि वहां महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकार छीन लिए गए हैं। पूरे देश में निजी ड्रोन उड़ाने पर रोक लगा दी गई। पाकिस्तान का दावा कि उसने खोस्त प्रांत में तालिबान ठिकानों और अस्पतालों को निशाना बनाया। अफगान तालिबान ने कहा कि हमले में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। अफगान सरकार शांति और बातचीत के माध्यम से समस्या सुलझाना चाहती है। अफगान सुरक्षा बलों ने मारे गए नागरिकों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना जताई। अफगान मीडिया ने दावा किया कि उसने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की और एक पाकिस्तानी जेट गिराया। (Pakistan and Afghanistan Conflicts)

पाकिस्तान की सेना दुनिया की ताकतवर सेनाओं में शामिल और परमाणु हथियारों से लैस है। तालिबान के पास भारी हथियारों की कमी है। ज्यादातर हल्के और गुरिल्ला युद्ध के हथियार है। संघर्ष का असर स्थानीय व्यापार और आवागमन पर भी पड़ रहा है। काबुल के एक्सपर्ट ओबैदुल्ला बहीर का कहना है कि अफगान तालिबान की ओर से TTP को समर्थन देने के सबूत नहीं हैं। युद्ध के वीडियो और रिपोर्ट्स से पता चलता है कि तालिबान हल्के हथियारों और गुरिल्ला युद्ध का इस्तेमाल कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों को तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति अपनानी चाहिए। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य तनाव बेहद गंभीर हो गया है। दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं और नागरिकों को भारी नुकसान हो रहा है। क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियों ने तुरंत संघर्ष रोकने और बातचीत के माध्यम से समाधान की अपील की है। हालात अभी भी अस्थिर हैं और आगे की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर है। (Pakistan and Afghanistan Conflicts)



