छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटों पर महिला उम्मीदवारों की एंट्री, भाजपा से लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस से फूलोदेवी नेताम ने भरा नामांकन

Rajya Sabha Election Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटों के लिए राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के रूप में महिला चेहरों पर भरोसा जताया है। भाजपा की ओर से लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की ओर से फूलोदेवी नेताम ने आज विधानसभा सचिव के सामने अपना नामांकन दाखिल कर दिया। दोनों प्रत्याशियों ने रायपुर स्थित विधानसभा में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र जमा किया। नामांकन प्रक्रिया के दौरान दोनों ही दलों के वरिष्ठ नेता और विधायक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा के नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे।
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वहीं कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी नेताम के नामांकन के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, कांग्रेस विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। दरअसल, छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटें खाली हो रही हैं। भाजपा ने ओबीसी वर्ग से आने वाली लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने आदिवासी समाज से आने वाली मौजूदा राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम पर एक बार फिर भरोसा जताया है। राजनीतिक समीकरणों के मुताबिक इस बार राज्यसभा चुनाव में दोनों उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है, क्योंकि अब तक तीसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं आया है। ऐसे में मतदान की नौबत आने की संभावना नहीं है। (Rajya Sabha Election Chhattisgarh)

अगर दोनों प्रत्याशी निर्विरोध चुनी जाती हैं तो यह छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक खास समीकरण होगा, क्योंकि पहली बार दोनों प्रमुख दलों ने राज्यसभा के लिए महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इसके साथ ही राज्यसभा में छत्तीसगढ़ से तीन महिला सांसद होने का नया रिकॉर्ड भी बन सकता है। भाजपा की उम्मीदवार लक्ष्मी वर्मा पार्टी में लंबे समय से सक्रिय रही हैं और वे भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी नेताम का यह दूसरा राज्यसभा कार्यकाल होगा। फूलोदेवी नेताम बस्तर क्षेत्र से आती हैं और आदिवासी समाज में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वे साल 2020 से राज्यसभा सांसद हैं और वर्तमान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की कार्यसमिति सदस्य भी हैं।

वे संसदीय अनुसूचित जाति-जनजाति समिति, सामाजिक न्याय समिति और रेलवे सलाहकार समिति की सदस्य भी हैं। राजनीतिक जीवन में फूलोदेवी नेताम का लंबा अनुभव रहा है। वे 1994 से 1998 तक फरसगांव जनपद पंचायत की अध्यक्ष रहीं, इसके बाद 1998 से 2003 तक केशकाल से विधायक चुनी गईं। उन्होंने जिला पंचायत बस्तर की अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया और महिला कांग्रेस छत्तीसगढ़ की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इस तरह छत्तीसगढ़ की दोनों राज्यसभा सीटों पर महिला नेतृत्व को आगे लाकर भाजपा और कांग्रेस ने एक नया राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। (Rajya Sabha Election Chhattisgarh)




