छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटों पर सियासी दांव-पेंच, बीजेपी ने भेजा पैनल, कांग्रेस में भी मंथन

Rajya Sabha Election Preparation: छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों नामों से ज्यादा रणनीति की चर्चा है। राज्यसभा की दो सीटें खाली होने जा रही हैं और इन्हीं सीटों को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी बिसात बिछा दी है। मामला अब सिर्फ उम्मीदवारों के चयन का नहीं, बल्कि सियासी संतुलन और भविष्य की राजनीति का बन गया है। इस बीच भाजपा ने वरिष्ठ नेताओं की बैठक और रायशुमारी के बाद केंद्रीय हाईकमान को 3 से 5 नामों का पैनल भेज दिया है। सूत्रों के मुताबिक बैठक में कुल सात नामों पर विस्तार से मंथन हुआ। इनमें पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति बांधी, पूर्व विधायक और प्रदेश महामंत्री नवीन मारकंडेय, किरण बघेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, प्रबल प्रताप जूदेव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद सरोज पांडेय समेत पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण सिंह चंदेल के नाम शामिल हैं।

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पार्टी सूत्रों का कहना है कि पैनल तैयार करते समय जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि संगठन और सामाजिक समीकरणों में कोई असंतुलन न हो। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटें रिक्त हो रही हैं, ऐसे में पार्टी रणनीतिक तौर पर मजबूत चेहरों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता केदार गुप्ता ने कहा कि पार्टी की तैयारी पिछले दो-तीन महीनों से चल रही है। उन्होंने कहा कि सुगबुगाहट भले अभी सामने आ रही हो, लेकिन हमारी तैयारी पहले से है। हमारी प्राथमिकता है कि स्थानीय नेताओं को मौका मिले। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस अक्सर बाहरी प्रदेशों के लोगों को मौका देती रही है। (Rajya Sabha Election Preparation)

कांग्रेस में भी नामों की चर्चा तेज

इधर, कांग्रेस भी पीछे रहने के मूड में नहीं है। पार्टी की ओर से पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और वरिष्ठ नेता मोहन मरकाम के नाम चर्चा में हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व भी जल्द ही अपने आधिकारिक उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगा सकता है। राज्यसभा प्रत्याशी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अंतिम फैसला हाईकमान करेगा। उन्होंने कहा कि हमारा पीसीसी नाम तय कर हाईकमान को भेजेगा। अन्य साथियों को मौका मिलना चाहिए, जो सदन के सदस्य नहीं हैं, उन्हें भेजा जाना चाहिए। मैं पाटन का विधायक हूं। बता दें कि राज्यसभा के लिए भूपेश बघेल के नाम की भी चर्चा थी, लेकिन उनके इस बयान के बाद संकेत मिल रहे हैं कि वे खुद को इस दौड़ से अलग मान रहे हैं।

किसकी चाल पड़ेगी भारी ?

दो सीटें, कई दावेदार और उससे कहीं ज्यादा सियासी दांव के साथ राज्यसभा चुनाव ने छत्तीसगढ़ की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है। भाजपा संतुलन साधने में जुटी है, जबकि कांग्रेस वापसी की जमीन तलाश रही है। अब नजर इस बात पर है कि भाजपा हाईकमान पैनल में से किन नामों पर अंतिम मुहर लगाता है और कांग्रेस किन चेहरों को मैदान में उतारती है। फैसला भले ही दिल्ली में होगा, लेकिन उसका असर पूरे प्रदेश की राजनीति पर दिखाई देगा। राज्यसभा की दो सीटों पर कौन जाएगा, यह जल्द तय होगा, लेकिन इतना तय है कि इस चुनाव से छत्तीसगढ़ की सियासत में नई चालें और नए समीकरण देखने को मिलेंगे। राज्यसभा की ये लड़ाई सिर्फ सीटों की नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत की भी है। (Rajya Sabha Election Preparation)

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