वानखेड़े में रिकॉर्ड्स की बारिश, 499 रन, 34 छक्कों का बना नया रिकॉर्ड, शानदार फील्डिंग से बदला मैच

Semi Final Records 2026: T-20 वर्ल्ड कप 2026 के भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल में सिर्फ रोमांच ही नहीं, बल्कि रिकॉर्ड्स की भी बरसात हुई। इस मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर कई बड़े रिकॉर्ड बना दिए। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए इस मुकाबले में कुल 499 रन बने। यह T-20 इंटरनेशनल इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा मैच टोटल है। इस सूची में पहला स्थान 2023 में दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए मैच का है, जिसमें 517 रन बने थे। दोनों टीमों ने मिलकर मैच में कुल 34 छक्के लगाए, जो T-20 वर्ल्ड कप के एक मैच में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के मैच में 31 छक्के लगे थे।
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मुकाबले में कुल 73 बाउंड्री यानी 39 चौके और 34 छक्के लगी, जो वर्ल्ड कप इतिहास में एक मैच में सबसे ज्यादा हैं। भारतीय टीम ने इस मैच में 253 रन बनाए, जो T-20 वर्ल्ड कप में उसका दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले इसी टूर्नामेंट में जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत ने 256 रन बनाए थे। T-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने कुल 88 छक्के लगाए और एक एडिशन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड बना दिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के नाम था। संजू सैमसन ने इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन की पारी खेलकर T-20 वर्ल्ड कप नॉकआउट में भारत के लिए सबसे बड़ी पारियों में विराट कोहली की बराबरी कर ली। कोहली ने 2016 के सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज के खिलाफ 89 रन बनाए थे। (Semi Final Records 2026)

सैमसन ने इस टूर्नामेंट में 16 छक्के भी लगाए, जो किसी एक T-20 वर्ल्ड कप एडिशन में किसी भारतीय द्वारा सबसे ज्यादा हैं। इंग्लैंड के जैकब बेथेल ने 45 गेंदों में शतक जड़कर T-20 वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक लगाया। इससे पहले न्यूजीलैंड के फिन एलन ने 33 गेंदों में सेंचुरी बनाई थी। बेथेल की 105 रन की पारी T-20 वर्ल्ड कप नॉकआउट इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी भी बन गई। मैच में अक्षर पटेल और शिवम दुबे की शानदार फील्डिंग भी निर्णायक साबित हुई। अक्षर पटेल ने हैरी ब्रूक का शानदार रनिंग कैच पकड़ा, जबकि विल जैक्स का कैच भी अक्षर और दुबे की सूझबूझ से संभव हुआ। इन अहम मौकों ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया और टीम इंडिया फाइनल में पहुंच गई।

संजू सैमसन प्लेयर ऑफ द मैच बने। मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में सैमसन ने कहा कि यह अवॉर्ड असल में जसप्रीत बुमराह को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं यह अवॉर्ड बुमराह को देना चाहता हूं। वे वर्ल्ड क्लास गेंदबाज हैं। डेथ ओवर्स में अगर उन्होंने उस तरह की गेंदबाजी नहीं की होती तो शायद हम मैच नहीं जीत पाते। सैमसन ने अपनी पारी के बारे में कहा कि वानखेड़े में रन बनते हैं और यहां कोई स्कोर सुरक्षित नहीं होता। उन्होंने कहा कि मैं अच्छी फॉर्म में था और खुद को थोड़ा समय देना चाहता था। T-20 में शतक बनाना लक्ष्य नहीं होता, टीम की जीत ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।
दिल की धड़कन 170 तक पहुंच गई: कप्तान सूर्या
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टीम की जीत को अविश्वसनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह अविश्वसनीय अहसास है। भारत में खेलना और वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचना बहुत खास है। मैच के दौरान मेरी हार्ट रेट शायद 160 से 170 के बीच रही होगी। सूर्या ने संजू सैमसन की पारी और टीम की फील्डिंग की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि संजू जानते थे कि उन्हें क्या करना है। जब भी विकेट गिरा उन्होंने रन गति कम नहीं होने दी। वहीं बुमराह और अर्शदीप ने डेथ ओवर्स में शानदार गेंदबाजी की। इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने हार के बाद माना कि संजू सैमसन का छोड़ा गया कैच उनकी टीम पर भारी पड़ गया।

ब्रूक ने कहा कि कहते हैं कैच मैच जिताते हैं। दुर्भाग्य से गेंद मेरे हाथ में टिक नहीं पाई। उसके बाद सैमसन ने शानदार पारी खेली और शायद उसी ने मैच का रुख बदल दिया। इंग्लैंड के कोच ब्रेंडन मैक्कुलम ने कहा कि उनकी टीम पिच को ठीक से समझ नहीं पाई। उन्होंने कहा कि वानखेड़े में जो लेंथ हमें सही लग रही थी, वह एक्स्ट्रा बाउंस के कारण छोटी पड़ रही थी। हम अपनी रणनीति को मैदान पर सही तरीके से लागू नहीं कर सके। इस जीत के साथ भारत चौथी बार T-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गया है। टीम 8 मार्च को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड से खिताबी मुकाबला खेलेगी। (Semi Final Records 2026)




