एक बालक के तौर पर एक सपना था– भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करने का। नरेन्द्र मोदी जामनगर के समीप स्थित सैनिक स्कूल में पढ़ने के बेहद इच्छुक थे, लेकिन जब फीस चुकाने की बात आई तो घर पर पैसों का घोर अभाव सामने आ गया। निश्चित तौर पर नरेन्द्र बेहद दुखी हुए। लेकिन जो बालक सैनिक की वर्दी न पहन सकने के कारण बेहद निराश था, भाग्य ने उसके लिए कुछ अलग ही सोच कर रखा था। इन वर्षों में उसने एक अद्वितीय पथ पर यात्रा आरम्भ की, जो उन्हें मानवता की सेवा के लिए बड़े मिशन की खोज के लिए भारत भर में ले गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी मां को बर्थडे गिफ्ट में एक खास शॉल दी थी। पीएम मोदी ने खुद इन तस्वीरों को अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किये थे। पीएम मोदी ने लिखा था, ''100वें वर्ष में प्रवेश करने पर आज मां का आशीर्वाद लिया..।''