छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने दिया इस्तीफा, बीजेपी ने बनाया है राज्यसभा प्रत्याशी

Lakshmi Verma Resignation: छत्तीसगढ़ शासन के महिला और बाल विकास विभाग ने राज्य महिला आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन, अटल नगर से आदेश जारी किया गया। जारी आदेश के मुताबिक लक्ष्मी वर्मा की ओर से 3 मार्च 2026 को दिए गए त्याग पत्र को छत्तीसगढ़ शासन ने स्वीकार कर लिया है। आदेश में कहा गया है कि उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें छत्तीसगढ़ से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने राजनीति में करीब 30 साल से सक्रिय रहीं लक्ष्मी वर्मा को टिकट देकर मातृशक्ति को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।

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काफी समय से यह चर्चा थी कि राज्यसभा चुनाव में संगठन और सामाजिक समीकरण के साथ महिलाओं को मौका दिया जाएगा। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका और महिला वर्ग में मजबूत पकड़ को देखते हुए उनके नाम को लेकर पहले से ही कयास लगाए जा रहे थे। छत्तीसगढ़ से इस समय राज्यसभा में 5 सदस्य प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इनमें से 2 सांसदों का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। 9 अप्रैल 2026 तक कार्यकाल वाले सांसदों में फूलोदेवी नेताम और केटीएस तुलसी शामिल हैं, जो कांग्रेस पार्टी से हैं। इसके अलावा कांग्रेस के सांसद राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन का कार्यकाल 29 जून 2028 तक है। वहीं भाजपा से देवेन्द्र प्रताप सिंह का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक निर्धारित है। (Lakshmi Verma Resignation)

कैसे होता है राज्यसभा चुनाव ?

राज्यसभा चुनाव सीधे जनता नहीं, बल्कि विधायक करते हैं। यह अप्रत्यक्ष चुनाव होता है। राज्यसभा एक स्थायी सदन है और इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में रिटायर होते हैं। राज्यसभा में कुल 245 सीटें हैं। इनमें 233 सदस्यों का चुनाव होता है, जबकि 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं और इस बार 2 सीटें खाली हो रही हैं। जीत तय करने के लिए एक सीधा सा गणित लगाया जाता है। 90 विधायकों को 3 से भाग दिया जाता है 2 सीटें + 1 जोड़कर। 90 ÷ 3 = 30, फिर उसमें 1 जोड़ दिया जाता है। 30 + 1 = 31, इसका मतलब साफ है कि किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 31 विधायकों का समर्थन जरूरी है, जो उम्मीदवार 31 वोट हासिल कर लेता है, उसकी जीत पक्की मानी जाती है। इस तरह लक्ष्मी वर्मा के इस्तीफे और राज्यसभा उम्मीदवारी ने प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दे दी है। अब सबकी नजरें कांग्रेस प्रत्याशी पर टिकी हुई है।

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