Congress Sansad Nilambit: कांग्रेस के 4 सांसद पूरे सत्र के लिए किए गए निलंबित, लोकसभा अध्यक्ष ने 3 बार दी थी चेतावनी

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Congress Sansad Nilambit: लोकसभा में महंगाई के मुद्दे पर विरोध कर रहे विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि “मैं सदस्यों से सदन में पोस्टर नहीं लाने का आग्रह करता हूं। सरकार चर्चा के लिए तैयार है, जिसके बाद भी विपक्षी दलों के सांसदों ने तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। साथ ही कांग्रेस के चार सांसदों को निलंबित कर दिया। इन सांसदों को पूरे सत्र के लिए लोकसभा से निलंबित किया गया है। निलंबित कांग्रेस सांसदों में मनिकम टैगोर, जोथिमणि, राम्या हरिदास और टीएन प्रतापन हैं। सांसद महंगाई को लेकर सदन के अंदर तख्तियों के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इससे पहले पीठासीन सभापति ने उन्हें चेतावनी दी थी कि अगर वे विरोध करना चाहते हैं तो सदन के अंदर मर्यादा को बनाए रखें और तख्तियों के साथ विरोध करना है तो संसद के बाहर करें।

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लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सांसदों को चेतावनी हुए कहा था कि वह दोपहर 3 बजे के बाद महंगाई के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन सदन के अंदर किसी भी विरोध को बर्दाश्त नहीं करेंगे। स्पीकर ने कहा कि अगर आप तख्तियां दिखाना चाहते हैं, तो सदन के बाहर ऐसा प्रदर्शन करें। मैं चर्चा के लिए तैयार हूं, लेकिन मुझे नहीं लगता कि मेरी दयालुता मेरी कमजोरी है। बाद में उन्होंने कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी। पीठासीन सभापति राजेंद्र अग्रवाल ने सदन में आसन के प्राधिकारों की उपेक्षा करने के मामले में कांग्रेस सदस्यों मणिकम टैगोर, टी एन प्रतापन, जोतिमणि और राम्या हरिदास को संसद के मॉनसून सत्र की शेष अवधि के लिए सभा की सेवा से निलंबित करने की घोषणा की। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्रस्ताव रखा कि इन चार सदस्यों के सदन की गरिमा के प्रतिकूल आचरण को देखते हुए इन्हें चालू सत्र की शेष अवधि के लिए कार्यवाही से निलंबित किया जाए। (Congress Sansad Nilambit)

इससे पहले पीठासीन सभापति अग्रवाल ने कहा कि कुछ सदस्य निरंतर तख्तियां आसन के सामने दिखा रहे हैं जो सदन की मर्यादा के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने भी इस संबंध में सदस्यों को चेतावनी दी थी। अग्रवाल ने कहा कि आसन के पास इन सदस्यों के नाम लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सदस्य कृपया इस चेतावनी का ध्यान रखें और किसी तरह की तख्ती नहीं दिखाएं। इसके बाद उन्होंने कहा कि मैं नियम 374 के तहत हठ पूर्वक और जानबूझकर लगातार सभा की कार्यवाही में बाधा डालकर अध्यक्षीय पीठ के प्राधिकार की उपेक्षा करने और सभा के नियमों का दुरुपयोग करने के लिए आप सभी का नाम लेता हूं। अग्रवाल ने इसके बाद कांग्रेस के चारों सदस्यों को सदन की कार्यवाही से निलंबित किए जाने की घोषणा की। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही 26 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। (Congress Sansad Nilambit)

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार मंहगाई पर चर्चा के लिए तैयार है। हम चाहते हैं कि देश को पता चले कि कैसे भारत ने अहम कदम उठाए जिससे मंहगाई बाकी देशों से कम रही। विश्व में इतनी बड़ी समस्याओं के बावजूद भी हमारे देश में महंगाई 7% के आस-पास है जो विदेशों के मुकाबले बहुत कम है। इधर, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि कांग्रेस के 4 संसदों को सत्र के अंतिम दिन तक के लिए निलंबित किया गया है। सत्ता पक्ष कांग्रेस पार्टी को डराना, धमकाना चाहती है। कांग्रेस की पहले दिन से स्थगन प्रस्ताव की मांग रही है जिससे अहम मुद्दों पर सदन में चर्चा हो सके, लेकिन सत्ता पक्ष इससे भाग रही है। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष एक साथ है। लेकिन सरकार इस पर चर्चा करने से कतरा रही है। सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा करने के बजाय विपक्ष की आवाज को धमकाने के लिए हमारे (चार) सांसदों को निलंबित करने का क्रूर कदम उठाया है। (Congress Sansad Nilambit)

वहीं AAP सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली एक वित्तीय वर्ष में भारत सरकार ने 78 बार पेट्रोल और 76 बार डीज़ल के दाम बढ़ाए हैं। इतनी बार ईंधन के दाम बढ़ाकर केवल एक साल में सरकार ने देश के आम आदमी की जेब पर डाका डाला है। आज से पहले कभी भारत के इतिहास में 70-78 बार पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए। जो सरकार 70-75-80 बार भाव बढ़ाकर कभी एक्साइज ड्यूटी, कभी फ्यूल के दाम बढ़ाकर पेट्रोल-डीजल मंहगा करती है उसकी जिम्मेदारी बनती है कि दामों को नीचे लाए। सदन में मंहगाई पर बहस होनी चाहिए।