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MSP को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी घमासान, कांग्रेस बोली- किसानों के साथ हुआ अन्याय

Politics on Paddy MSP: केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2025-26 के लिए 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सरकार ने धान के सामान्य ग्रेड की MSP में 72 रुपए की बढ़ोतरी करते हुए इसे 2441 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि ए-ग्रेड धान की MSP 2461 रुपए प्रति क्विंटल कर दी गई है। वहीं तुअर या अरहर दाल की MSP में सबसे बड़ी बढ़ोतरी करते हुए 450 रुपए बढ़ाकर 8450 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके अलावा उड़द में 400 रुपए, सोयाबीन में 380 रुपए, सूरजमुखी में 622 रुपए, तिल में 500 रुपए और कपास में 557 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। 

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मूंगफली का समर्थन मूल्य 254 रुपए बढ़ाकर 7517 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। सरकार का कहना है कि MSP बढ़ाने का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाना और खेती को लाभकारी बनाना है। MSP बढ़ोतरी के फैसले पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि धान समेत कई फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है और MSP में बढ़ोतरी उसी का हिस्सा है। हालांकि इसे लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। (Politics on Paddy MSP)

कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि धान की MSP में सिर्फ 72 रुपए की वृद्धि हुई है। बिजली, खाद और बीज की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन धान की MSP में बेहद मामूली बढ़ोतरी की गई है, जो किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि अन्य फसलों की तुलना में धान की MSP काफी कम बढ़ाई गई है और कांग्रेस धान का समर्थन मूल्य और बढ़ाने की मांग करती है। कांग्रेस के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को 2014 से पहले की स्थिति भी याद रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में MSP में कांग्रेस सरकार के मुकाबले दोगुना इजाफा हुआ है। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल सवाल उठाने का काम करती है, जबकि राज्य सरकार ने किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदने का वादा किया है और वह वादा पूरा किया जाएगा, चाहे MSP घटे या बढ़े। दरअसल, MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य वह गारंटीड कीमत होती है, जो किसानों को उनकी फसल पर सरकार की ओर से सुनिश्चित की जाती है। बाजार में फसलों के दाम गिरने की स्थिति में भी किसानों को MSP के आधार पर न्यूनतम मूल्य मिलता है। केंद्र सरकार हर फसल सीजन से पहले कृषि लागत और मूल्य आयोग यानी CACP की सिफारिशों के आधार पर MSP तय करती है, ताकि किसानों को उत्पादन लागत का उचित लाभ मिल सके और बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से उन्हें नुकसान न हो। (Politics on Paddy MSP)

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