संचार साथी एप को लेकर सियासी संग्राम, विपक्ष ने बताया प्राइवेसी पर हमला, सांसद प्रियंका गांधी ने कहा जासूसी एप

Sanchar Saathi App: केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन कंपनियों को एक दिसंबर से अनिवार्य रूप से सरकारी साइबर सेफ्टी एप ‘संचार साथी‘ को प्री-इंस्टॉल करने का आदेश दिया है। 90 दिन की तय डेडलाइन के साथ जारी इस निर्देश पर अब राजनीतिक विवाद गहराने लगा है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल इसे प्राइवेसी पर खतरा बता रहे हैं। जबकि सरकार का दावा है कि यह कदम साइबर फ्रॉड, फर्जी IMEI और मोबाइल चोरी रोकने के लिए जरूरी है। इस पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यह एक जासूसी एप है। नागरिकों को प्राइवेसी का अधिकार है। हर किसी को परिवार, दोस्तों को मैसेज भेजने की प्राइवेसी का अधिकार होना चाहिए। वे इस देश को हर तरह से तानाशाही में बदल रहे हैं। संसद इसलिए काम नहीं कर रही है, क्योंकि सरकार किसी भी चीज पर बात करने से मना कर रही है। विपक्ष पर इल्जाम लगाना बहुत आसान है। वे किसी भी चीज पर चर्चा नहीं होने दे रहे हैं। एक स्वस्थ लोकतंत्र चर्चा की मांग करता है।

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कांग्रेस सांसद और लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मैं सदन में इस पर बोलूंगा। मैं अभी कोई कमेंट नहीं करूंगा। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह प्राइवेसी पर हमला है। ऐसा ही लगता है। मदद के नाम पर भाजपा आम लोगों की प्राइवेसी पर हमला करने की कोशिश कर रही है। सरकार इस एप के जरिए देश के सभी लोगों पर नजर रखने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि यह बहुत ही खतरनाक बात है और मुझे लगता है कि इसपर संसद की किसी कमेटी को अध्ययन करना चाहिए। यह बहुत चिंता की बात है और इस पर सबको बहुत गंभीरता से विचार करना चाहिए। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा कि प्राइवेसी का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। संचार साथी एप लोगों की आजादी और प्राइवेसी पर सीधा हमला है।

लोगों की प्राइवेसी का सीधा उल्लंघन: जॉन ब्रिटास

CPI-M सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि मोबाइल में इस एप डालना लोगों की प्राइवेसी का सीधा उल्लंघन है और सुप्रीम कोर्ट के 2017 के पुट्टास्वामी फैसले के खिलाफ है। यह एप हटाया भी नहीं जा सकता। यानी 120 करोड़ मोबाइल फोनों में इसे अनिवार्य किया जा रहा है। इस पर सत्ता पक्ष ने पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि जब विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है और विपक्ष मुद्दा ढूंढना चाहता है तो हम उनकी मदद नहीं कर सकते। हमारा कर्तव्य है कि हम उपभोक्ताओं की मदद करें और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। संचार साथी एक एप और पोर्टल है, जिसके आधार पर हर उपभोक्ता अपनी सुरक्षा अपने हाथों से कर पाता है। ये जनभागीदारी का एक कदम है। लोगों को इसका विरोध नहीं, बल्कि स्वागत करना चाहिए। (Sanchar Saathi App)

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया पलटवार

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि संचार साथी पोर्टल के 20 करोड़ डाउनलोड हैं और एप के 1.5 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड हैं। संचार साथी ने लगभग 1.75 करोड़ धोखाधड़ी वाले मोबाइल कनेक्शनों को डिस्कनेक्ट करने में सक्षम बनाया है। लगभग 20 लाख चोरी हुए फोन ट्रेस किए गए हैं और लगभग 7.5 लाख चोरी हुए फोन उनके मालिकों को सौंप दिए गए हैं, यह सब संचार साथी की वजह से हुआ है। यह एप जासूसी या कॉल मॉनिटरिंग को सक्षम नहीं करता है। आप इसे अपनी इच्छा से एक्टिवेट या डीएक्टिवेट कर सकते हैं। अगर आप संचार साथी नहीं चाहते हैं, तो आप इसे डिलीट कर सकते हैं। यह ऑप्शनल है। यह कस्टमर सुरक्षा के बारे में है। मैं सभी गलतफहमियों को दूर करना चाहता हूं। यह हमारा कर्तव्य है कि हम इस एप को सभी को बताएं। इसे अपने डिवाइस पर रखना या न रखना यूज़र पर निर्भर करता है। इसे किसी भी अन्य एप की तरह मोबाइल फ़ोन से डिलीट किया जा सकता है।

विपक्ष के अंदर नकारात्मकता भरा हुआ है: सांसद अरुण सिंह

भाजपा सांसद अरुण सिंह ने कहा कि विपक्ष का हमेशा से ऐसा रहा है कि सरकार जो सकारात्क मुद्दे उठाती है वो उसका विरोध करते हैं। पहले से ही विपक्ष के अंदर नकारात्मकता भरा हुआ है। जनता ने भी इन्हें नकारती है और जनता भी देखती है कि किस प्रकार से देश पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है और अनेकों सुधार लाए जाए जा रहे हैं और वे उसकी सहराना कर रही है, लेकिन विपक्ष को ये नहीं समझ आ रहा है। विपक्ष हार का रिकॉर्ड बनता जा रहा है फिर भी उनको समझ नहीं आ रहा है। भाजपा सांसद शशांक मणि ने कहा कि ये बहुत महत्वपूर्ण कदम है मैं IIT का हूं तो मैं समझता हूं कि किस प्रकार का साइबर अटैक हो रहे हैं। मैं समझता हूं कि इस संचार एप से लोगों में सिक्योरिटी की भावना बढ़ेगी और हमारे डेटा सुरक्षित रहेंगे तथा डिजिटल माध्यम से नागरिक का हर तरह से रक्षा होगा। मैं इसका स्वागत करता हूं। प्राइवेसी का कोई खतरा नहीं है।

विपक्ष की स्थिति बीमार की तरह: सांसद मनोज तिवारी

भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि विपक्ष की स्थिति बीमार की तरह हो गई है। वो सदन नहीं चलने दे रहे हैं, हल्ला कर रहे हैं। इस देश का संचार व्यवस्था इस समय बेस्ट से बेस्ट चल रहा है और अब इसमें और भी समृद्धि लाकर देश की संचार व्यवस्था को ठीक करेंगे। विपक्ष का रवैया जरा भी देश में काम होने देने वाला नहीं है और इसे जनता देख रही है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष को ढूंढ-ढूंढकर कर मुद्दे लाने की आवश्यकता नहीं है। शीतकालीन सत्र में बहुत सारे मुद्दे हैं और कई मुद्दे विपक्ष ने भी उठाए हैं, हम उसपर आगे क्या करना है बातचीत करके विचार करेंगे। नए-नए मुद्दे ढूंढकर संसद में व्यवधान पैदा करने की आवश्यकता नहीं है। हर मुद्दा अपनी जगह पर महत्वपूर्ण है, लेकिन मुद्दे को हथियार बनाकर संसद में गतिरोध करना ठीक नहीं है। (Sanchar Saathi App)

क्या है संचार साथी एप ?

संचार साथी ऐप केंद्र सरकार का साइबर सिक्योरिटी टूल है, जिसे 17 जनवरी 2025 को लॉन्च किया गया था। यह एप यूजर्स को ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल-मैसेज और चोरी हुए मोबाइल की पहचान में मदद करता है। एप में कॉल, मैसेज या वॉट्सएप चैट को फ्रॉड के रूप में रिपोर्ट करने की सुविधा दी गई है। साथ ही फोन का IMEI नंबर चेक करके खोए या चोरी हुए मोबाइल को तुरंत ब्लॉक करने की क्षमता है। एप के जरिए अब तक 7 लाख से ज्यादा गुम या चोरी हुए मोबाइल ढूंढे गए हैं। फिलहाल यह एप एप्पल और गूगल प्ले स्टोर पर वॉलंटरी डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। सरकार के नए आदेश के बाद नए स्मार्टफोन में यह एप अनिवार्य रूप से प्री-इंस्टॉल किया जाएगा और डिलीट नहीं किया जा सकेगा। (Sanchar Saathi App)

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