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क्या मृतकों को वोट डालने दें?- राहुल-तेजस्वी पर EC का पलटवार, बिहार में वोटर लिस्ट विवाद गरमाया

Bihar Voter List Issue: बिहार में चल रहे वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर सियासी बवाल अपने चरम पर पहुंच गया है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग (EC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों नेताओं ने मतदाता सूची से कथित रूप से नाम हटाने, पारदर्शिता की कमी और चुनावी हेरफेर के आरोप लगाए हैं। वहीं चुनाव आयोग ने सोमवार को इन आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दिया और पलटवार करते हुए चार तीखे सवाल भी दाग दिए।

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तेजस्वी यादव के आरोप:

  • EC की रिपोर्ट के अनुसार 52-55 लाख मतदाता अपने पते पर नहीं पाए गए।
  • B.L.O. स्वयं फॉर्म भरकर हस्ताक्षर कर रहे हैं, पारदर्शिता नहीं है।
  • दस्तावेजों को लेकर भ्रम की स्थिति है, गरीबों का नाम कट सकता है।
  • मतदाता सूची से नाम कटने पर राशन-पेंशन जैसी सुविधाएं प्रभावित होंगी।
  • सुप्रीम कोर्ट में विदेशी नागरिकों की बात नहीं, फिर मीडिया में “विदेशी वोटर” की खबरें क्यों?
  • पहले जनता सरकार चुनती थी, अब सरकार जनता चुन रही है।

चुनाव आयोग का जवाब:

  • 90% मतदाताओं ने फॉर्म भर दिए हैं।
  • फर्जी वोटर हटाना कानूनी ज़िम्मेदारी है।
  • दस्तावेजों की सूची सांकेतिक है, बाध्यकारी नहीं।
  • SIR (Systematic Investigation of Rolls) सर्वे, सभी दलों की चिंताओं के बाद शुरू किया गया।
  • मतदाता सूची की विश्वसनीयता ही उद्देश्य है।

EC ने तेजस्वी-राहुल से पूछे चार सवाल:

  • क्या मृतकों को वोट डालने देना चाहिए?
  • क्या जो लोग स्थायी रूप से राज्य से बाहर शिफ्ट हो गए हैं, उन्हें वोट देने का हक़ होना चाहिए?
  • क्या फर्जी वोटर और घुसपैठियों को वोट डालने देना चाहिए?
  • क्या किसी को दो जगह से वोटिंग का अधिकार मिलना चाहिए?

राहुल गांधी का आरोप:

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चुनाव आयोग पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के एक लोकसभा क्षेत्र में उनकी पार्टी के पास “वोट चोरी” के 100% सबूत हैं। उन्होंने EC पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र और अब बिहार में भी मतदाता सूची में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हो रही हैं। उनका कहना है कि EC स्वतंत्र नहीं रह गया है और केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। (Bihar Voter List Issue)

EC का राहुल को जवाब:

चुनाव आयोग ने कहा कि अगर आपके पास सबूत हैं तो अदालत में पेश करें। याचिका दायर हो चुकी है तो कोर्ट का फैसला ही अंतिम होगा। बिना प्रक्रिया के केवल मीडिया में बयानबाजी करना उचित नहीं है।

बिहार में क्या हुआ?

  • चुनाव आयोग के अनुसार 7.21 करोड़ वोटरों में से 99% ने फॉर्म जमा किया है।
  • 21 लाख मतदाता मृत पाए गए, 31 लाख अन्य राज्यों में स्थायी रूप से शिफ्ट हो चुके हैं।
  • वोटर लिस्ट से इन नामों को हटाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
  • सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि “एक भी योग्य मतदाता न छूटे, यही हमारा उद्देश्य है।”

राजनीतिक प्रतिक्रिया:

RJD का कहना है कि यह प्रक्रिया गरीब, पिछड़े और अल्पसंख्यकों के नाम काटने की साजिश है।

JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि “लोकसभा चुनाव में बिहार देश को सबसे बड़ा जनादेश देगा। ये विरोध सिर्फ बहाना है, जनता सब समझ रही है। (Bihar Voter List Issue)

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