उत्कल विप्र महिला समाज द्वारा चौथा सावन श्रृंगार उत्सव संपन्न, “हरीतिमा के साथ सोलह श्रृंगार” थीम में सजी सुहागिनें
रायपुर। सावन माह का विशेष महत्व भारतीय संस्कृति में सुहागिन महिलाओं के लिए माना जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उत्कल विप्र महिला समाज द्वारा नगर के दौलत वाटिका कला मंच में चौथे वर्ष सावन श्रृंगार उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस बार कार्यक्रम की थीम थी – “हरीतिमा के साथ सोलह श्रृंगार”।
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यह आयोजन खासतौर पर विवाहित महिलाओं के लिए आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य घरेलू एवं प्रतिभाशाली महिलाओं को एक मंच प्रदान करना था ताकि वे अपनी कला, प्रतिभा और परंपराओं को समाज के समक्ष प्रस्तुत कर सकें।
कार्यक्रम में प्रतिभागी पारंपरिक परिधानों और सोलह श्रृंगार में सज-धज कर सम्मिलित हुईं। उत्सव के दौरान महिलाओं ने गीत, नृत्य, अंताक्षरी, पेपर डांस जैसी विविध सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी कला का सुंदर प्रदर्शन किया।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण किया, जो इस आयोजन को और भी यादगार बना गया।
इस अवसर पर उत्कल विप्र महिला समाज की अध्यक्ष श्रीमती निवेदिता मिश्रा ने बताया कि – “हमारा उद्देश्य महिलाओं को उनके पारंपरिक स्वरूप में आत्मविश्वास के साथ मंच प्रदान करना है, जिससे उनकी छिपी प्रतिभा समाज के समक्ष आ सके।”
कार्यक्रम में समाज की अनेक महिलाओं की सहभागिता और उत्साह देखने लायक था। यह आयोजन महिलाओं के सशक्तिकरण और सांस्कृतिक जागरूकता की दिशा में एक सराहनीय पहल सिद्ध हुआ।



