लोरमी में फर्जी राशन कार्ड का खुलासा, कुंवारे युवक कागजों में बने पति और पिता

Lormi Fake Ration Card: मुंगेली जिले के लोरमी विधानसभा क्षेत्र के मारुकापा गांव से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां अविवाहित युवकों को सरकारी दस्तावेजों में विवाहित दिखा दिया गया। इतना ही नहीं, फर्जी पत्नी और फर्जी बच्चों के नाम भी राशन कार्ड में दर्ज कर दिए गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह पूरा फर्जीवाड़ा पूर्व सरपंच संदीप भार्गव और उनके प्रतिनिधि सुजीत भार्गव ने योजना बनाकर किया। आरोप है कि 21 लोगों के नाम पर फर्जी राशन कार्ड बनवाए गए और इन नकली परिवारों के आधार पर सरकारी खाद्यान्न की हेराफेरी की गई।
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ग्रामीणों के मुताबिक फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, अविवाहित युवकों के लिए फर्जी पत्नी और बच्चों के नाम दर्ज किए गए, राशन कार्ड जारी कर सरकारी खाद्यान्न सामग्री उठाई गई, फर्जी आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर केवाईसी (KYC) प्रक्रिया भी पूरी कर दी गई। मामले की गंभीरता इस बात से झलकती है कि इन फर्जी राशन कार्डों से एक साल से ज्यादा समय तक खाद्यान्न का वितरण किया गया। ग्रामीणों ने पहले खाद्य विभाग में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने इस मामले की शिकायत कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में की और निष्पक्ष जांच की मांग की।
बड़े फर्जीवाड़े में कौन-कौन जिम्मेदार हैं ?
ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने जांच की तो यह देखकर हैरान रह गए कि जिन लड़कों की शादी तक नहीं हुई, उनके राशन कार्ड में पत्नी और बच्चों के नाम दर्ज हैं। यह मामला सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित घोटाले की ओर इशारा करता है। अब सवाल यह है कि इतने बड़े फर्जीवाड़े में कौन-कौन जिम्मेदार हैं ?, क्या यह अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ और कब तक प्रशासन इस पर कार्रवाई करेगा ? (Lormi Fake Ration Card)
प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल
लोरमी का यह मामला फर्जी राशन कार्ड घोटाले के रूप में उभर रहा है, जहां कुंवारे युवक भी कागजों में पिता बन गए, यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। फिलहाल ग्रामीणों को उम्मीद है कि कलेक्टर स्तर पर जांच शुरू होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला सिर्फ लापरवाही साबित होता है या फिर सुनियोजित भ्रष्टाचार का एक और उदाहरण। (Lormi Fake Ration Card)



