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महिलाओं को आरक्षण देने से भाजपा की पुरुषवादी मानसिकता पर चोट पड़ती: नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत

Mahant on BJP Government: छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में 33% महिला आरक्षण को लेकर पेश किया गया शासकीय संकल्प विपक्ष के बिना ही पारित हो गया। इससे पहले चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि सदन के बाहर विपक्ष की निंदा करने की बात कही गई। मुख्यमंत्री निंदा करने की बात करें तो चर्चा होनी चाहिए। विधानसभा का विशेष सत्र गैरजरूरी है। इस बीच विशेष सत्र को गैरजरूरी बताने पर पूर्व मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताई, जिसे लेकर महंत ने कहा कि यह सभी राज्यों में विवाद का जड़ है। पता था समर्थन नहीं मिलेगा तो विधेयक लाने की जरूरत क्या थी। अगर विधेयक पास नहीं हुआ तो किसकी गलती है। क्या यह संसद का निर्णय था या कांग्रेस का निर्णय था। अगर संसद का निर्णय था तो क्या संसद की निंदा कर रहे हैं। अगर 2023 के विधेयक को लागू कर देते तो आरक्षण मिल जाता।

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महंत ने आगे कहा कि सत्तापक्ष पूरे देश में बताने की कोशिश कर रहा है कि कांग्रेस की वजह से बिल पास नहीं हुआ। कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश हो रही है। विधेयक को आपने इवेंट बनाने की कोशिश की। नारी शक्ति के नाम पर सिर्फ इवेंट किया जा रहा है। नारी शक्ति को अधिकार कांग्रेस ने दिया था। 1917 को कांग्रेस ने एनी बेसेंट को नेतृत्व सौंपा था। कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को अवसर दिया। भाजपा महिलाओं को गैलरी में बैठाकर संतुष्ट करना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा की पुरुषवादी, मनुवादी सोच महिलाओं को बराबरी का स्थान नहीं देना चाहती। अगर 850 में 33% आरक्षण मिलता तो महिलाओं को करीब 280 सीटें मिलती। जबकि पुरुषों को 570 सीटें मिलती। इससे पुरुषवादी मानसिकता पर प्रहार होता। इसीलिए महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया गया। आज भी पुरुष प्रधान देश में महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया। अभी भी तत्काल महिलाओं को आरक्षण दे सकते हैं, जिससे हमें खुशी होगी।

महंत ने यह भी कहा कि भाजपा की नीयत साफ है तो मंत्रिमंडल में 33% आरक्षण दे दीजिए। इससे संदेश जाएगा कि जो आप कहते हैं वह करते हैं। रेणुका सिंह, गोमती साय, लता उसेंडी, भावना बोहरा जैसी योग्य विधायक हैं। रेणुका सिंह को CM नहीं बना सकते तो डिप्टी CM ही बना दीजिए। इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं को आरक्षण देने के लिए नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम लाया, लेकिन विपक्ष ने परिसीमन को लेकर बिल का विरोध किया। विपक्ष का विरोध समझ से परे है। परिसीमन होता तो क्षेत्र बढ़ता। लोगों को ज्यादा मौका मिलता। मैं रायगढ़ से चार बार सांसद रहा हूं। 350 किलोमीटर का क्षेत्र है। एक सांसद दिन रात भी घूमेगा तो सभी जगह जा नहीं सकता। परिसीमन होता तो क्षेत्र बंटता। विकास भी होता। लोग वहां तक जाते, जहां तक श्रेय की बात है पीएम ने कहा था श्रेय आप ले लीजिए। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने बड़ी सरलता से अपनी बात रखी। विपक्ष ने परिसीमन, जनगणना की बात को लेकर विरोध किया। इसके लिए देश और प्रदेश की जनता आपको कभी माफ नहीं करेगी। (Mahant on BJP Government)

CM साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जितना महिलाओं के लिए काम किया कांग्रेस ने पांच दशकों में उतना काम नहीं किया। जनजातीय समाज की बहन द्रौपदी मुर्मू को सर्वोच्च पद पर आसीन कराया। CM साय ने आगे कहा कि विधानसभा में विशेष सत्र बुलाया गया। महिलाओं की एक तिहाई आरक्षण और परिसीमन लागू करने शासकीय संकल्प लाया गया। पक्ष-विपक्ष की बहनों ने भाग लिया। सार्थक चर्चा हुई। हमने विपक्ष से आह्वान किया कि विधानसभा में सर्वसम्मति से संकल्प को पारित करते हैं, लेकिन विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया, जो दुख का विषय है। नेता प्रतिपक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए CM साय ने कहा कि उनकी बात असत्य है। हम मनुवादी नहीं, राष्ट्रवादी हैं। कांग्रेस के बहिर्गमन पर कहा कि कांग्रेस को माता-बहनें माफ नहीं करेगी, 1200 बहनें कार्यवाही देखी। वे कभी विपक्ष को माफ करने वाली नहीं है।

 

छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह विशेष सत्र महिला आरक्षण के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच गहरे मतभेद को उजागर कर गया, जहां एक ओर सरकार इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक इवेंट करार दे रहा है। विपक्ष के बहिष्कार के बीच पारित हुआ यह संकल्प अब सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है, जिसकी गूंज आने वाले मानसून सत्र में भी सुनाई देने की संभावना है। एक ओर सरकार इसे आधी आबादी के अधिकार और सशक्तिकरण का बड़ा कदम बता रही है, तो वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति करार दे रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह संकल्प जमीन पर कब और कैसे उतरता है और क्या वाकई महिलाओं को इसका वास्तविक लाभ मिल पाता है या यह मुद्दा आगे भी सियासत का केंद्र बना रहेगा। (Mahant on BJP Government)

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