राजधानी रायपुर में बम का साया ! मितानिन के घर मिला बम बनाने का सामान, वायर-डेटोनेटर और कैमिकल बरामद

Explosive Fear in Raipur: राजधानी रायपुर के रावाभाठा इलाके में देसी बम बनाने का संदिग्ध सामान मिलने से हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही पुलिस, बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की। समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया। मामला खमतराई थाना क्षेत्र के रविशंकर शुक्ल वार्ड का है, जहां रहने वाली मितानिन पुष्पा साहू के घर एक संदिग्ध बैग रखा गया था। बैग को बिरगांव के विनय देवांगन नाम के युवक ने यह कहकर छोड़ा था कि वह थोड़ी देर में वापस आकर इसे ले जाएगा, लेकिन अगले दिन तक वह नहीं लौटा। इससे महिला को शक हुआ।
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पुष्पा साहू ने मामले की जानकारी वार्ड पार्षद अश्वनी यादव और पड़ोस में रहने वाले नेता प्रतिपक्ष को दी। इसके बाद स्थानीय लोगों की मौजूदगी में बैग की जांच की गई, जिसमें संदिग्ध विस्फोटक सामग्री जैसी चीजें दिखाई दी। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंची। जांच के दौरान बैग से बैटरी, वायर, एयरगन, कैमिकल से भरी दो बोतलें और डेटोनेटर नुमा सामान बरामद किया गया। पुलिस ने सभी संदिग्ध सामग्री को जब्त कर लिया है। बम स्क्वॉड ने मौके पर घंटों जांच कर एक्सप्लोजिव सामग्री को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज किया। डीसीपी नॉर्थ जोन मयंक गुर्जर ने बताया कि महिला के घर से बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला रॉ मटेरियल मिला है। फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और घर में मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। (Explosive Fear in Raipur)

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बरामद सामान विनय देवांगन का बताया जा रहा है, जो एक कांग्रेस नेता का साला है। आरोपी विनय देवांगन फिलहाल फरार है और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतनी संदिग्ध सामग्री घर तक कैसे पहुंची और इसके पीछे मकसद क्या था। मामले में जल्द बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। राजधानी रायपुर के बीचों-बीच संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने की इस घटना ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल ये है कि आखिर बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान रिहायशी इलाके तक कैसे पहुंचा और इसकी भनक किसी एजेंसी को क्यों नहीं लगी। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन इस घटना ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था में जरा सी चूक भी बड़े खतरे की वजह बन सकती है।



