नॉर्वे बना भारत के लिए यूरोप का प्रवेश द्वार, वैश्विक कंपनियों ने जताया भरोसा, निवेश के लिए तैयार

Global Companies on India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में भारत-नॉर्वे व्यापार और रिसर्च शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया, जिसमें उनके साथ रॉयल हाईनेस क्राउन प्रिंस हाकोन और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने भी भाग लिया। इस सम्मेलन में 50 से ज्यादा कंपनियों के CEO और नॉर्वे-भारत के व्यापार समेत रिसर्च समुदायों से 250 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह शिखर सम्मेलन भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते के लागू होने के बाद द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग में बढ़ रही गति का प्रतीक था। इस उच्च-स्तरीय व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन से पहले, ओस्लो में अलग-अलग जगहों पर चार गोलमेज सत्र आयोजित किए गए थे, जिनमें स्वास्थ्य सेवा नवाचार, समुद्री सहयोग, बैटरी और ऊर्जा भंडारण प्रणाली, डिजिटलीकरण और विद्युतीकरण और पवन ऊर्जा पर चर्चा की गई।
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SAEL के चीफ ऑफ स्टाफ और ग्रोथ बिजनेस स्ट्रेटेजी के वाइस प्रेसिडेंट संदीप सिंह चड्ढा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 43 साल बाद इस इंडो-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के लिए नॉर्वे आए हैं और यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि नॉर्वे और भारत, दोनों देशों की कंपनियाँ आपस में सहयोग कर रही हैं। SAEL इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे नॉर्वे और भारत मिलकर भारत में ही नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को आगे बढ़ा सकते हैं। भारत क्लाउड की संस्थापक सदस्य और चीफ ग्रोथ ऑफिसर शीतल श्रीकांत ने कहा कि हर बिजनेस को क्लाउड पर होना चाहिए। हम देख रहे हैं कि छोटे और बड़े बिज़नेस भी सॉवरेन टेक्नोलॉजी की तलाश में हैं, ताकि उनका डेटा सुरक्षित रहे और उसका सही इस्तेमाल हो सके। भारत क्लाउड के लिए हम अपने विस्तार पर काम कर रहे हैं। हम अलग-अलग इंडस्ट्रीज के साथ काम करने के लिए तैयार हैं, ताकि उनकी खास जरूरतों को पूरा किया जा सके और उनके लिए क्लाउड सेंटर स्थापित किए जा सकें। (Global Companies on India)
कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध हुई: जोतुन के प्रेसिडेंट
जोतुन के प्रेसिडेंट और CEO मोर्टेन फोन ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत में बहुत बदलाव आया है। भारत में व्यापार करना आसान हो गया है और प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में जहाज बनाने की बात की। यह बात मेरे दिल के बहुत करीब है, क्योंकि दुनिया की मरीन कोटिंग्स इंडस्ट्री में हमारा 25% मार्केट शेयर है। इसलिए भारत में जितने ज्यादा जहाज बनेंगे, हमें भारत में उतना ही ज्यादा बिजनेस मिलने का मौका मिलेगा। BW LPG के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और कमर्शियल हेड क्रिस्टियन सोरेनसेन ने कहा कि कंपनी पिछले सात-आठ सालों से भारत में निवेश कर रही है। हम देख सकते हैं कि भारत में व्यापार करने को आसान बनाने के प्रति प्रधानमंत्री का समर्पण और निष्ठा, समग्र कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध हुई है।
आपसी जुड़ाव काफी मजबूत हो रहे: रमेश मुथा
मोहन मुथा एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रमेश मुथा ने कहा कि मोदी जी की यात्रा की बदौलत, यहां हमारे रिश्ते और आपसी जुड़ाव काफी मजबूत हो रहे हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि नॉर्वे के पास उन्नत तकनीक है, जबकि भारत के पास मजबूत उद्यमिता कौशल है। जब ये दोनों ताकतें मिलेंगी तो वैश्विकृत परिदृश्य में इसके काफी फायदे होंगे। कई नॉर्वेजियन कंपनियां भारत में निवेश करने की इच्छुक हैं, ठीक वैसे ही जैसे भारतीय कंपनियाँ उनके साथ सहयोग करने के लिए उत्सुक हैं। मिलकर काम करके, हम इस रणनीतिक स्थिति से पूरे यूरोपीय महाद्वीप में अपने उत्पादों की मार्केटिंग कर सकते हैं। नॉर्वे यूरोप का प्रवेश द्वार है। इसके अलावा, अगर हमारा प्रस्तावित शुल्क-मुक्त व्यापार समझौता सफलतापूर्वक हस्ताक्षरित हो जाता है, तो इससे निस्संदेह नॉर्वे और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों का काफी विस्तार होगा। (Global Companies on India)
भारत एक बहुत बड़ा देश: एंडर्स एंगर
इक्विनोर ASA के प्रेसिडेंट और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एंडर्स ओपेडल ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा हमारी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। हम नॉर्वेजियन कॉन्टिनेंटल शेल्फ से अपने उत्पादन को बढ़ा रहे हैं, और हम भारत को कच्चे तेल के साथ-साथ खाना पकाने के लिए LPG भी उपलब्ध करा रहे हैं। इसके अलावा, बैरेंट्स सागर से भारत में LNG आयात करने का हमारा एक दीर्घकालिक अनुबंध भी है। Hias How2O AS के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एंडर्स एंगर ने कहा कि भारत और नॉर्वे बहुत अलग देश हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बिजनेस कैसे किया जाना चाहिए, इस मामले में दोनों के कुछ मूल्य एक जैसे हैं। जहाज बनाना भारत के लिए एक बहुत बड़ा अवसर है। देश को खोलने, विदेशी कंपनियों को आमंत्रित करने और ऐसा माहौल बनाने के लिए एक बहुत ही समृद्ध एजेंडा और आर्थिक सुधार हैं, जहां बिजनेस करना आसान हो। यह बहुत जरूरी है, क्योंकि भारत एक बहुत बड़ा देश है, जिसके पास बहुत सारे संसाधन हैं।

लेर्डल मेडिकल के सीईओ अल्फ-क्रिश्चियन डायबडाहल ने कहा कि वह नेतृत्व और वह विजन देखना बहुत प्रेरणादायक है, खासकर 2047 को लेकर वह विजन जिसमें भारत को एक ऐसी महान महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की बात है, जिसकी क्षमता उसमें मौजूद है। कंपनियों को लंबे समय के लिए निवेश करने के लिए कुछ हद तक निश्चितता की जरूरत होती है और वह उस लंबी अवधि की निश्चितता को बनाने की कोशिश में एक बेहतरीन नेतृत्व का उदाहरण पेश करते हैं, जिसकी कंपनियों को ये निवेश करने के लिए जरूरत होती है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर ने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री का यहां आकर अपना दृष्टिकोण साझा करना हमारे लिए बहुत उपयोगी रहा। भारत अपने अनुभव और संपर्कों के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बढ़ती हुई भूमिका निभा रहा है। यूक्रेन में युद्ध, मध्य पूर्व में युद्ध हम दोनों ने मिलकर इस स्थिति को कैसे समझा है, हम इससे कैसे प्रभावित हो रहे हैं और हम कूटनीतिक समाधानों की दिशा में कैसे योगदान दे सकते हैं। इस बारे में हम दोनों के बीच हुई बातचीत काफी उपयोगी रही। हमें यह पता लगाना होगा कि ये युद्ध कैसे समाप्त हो सकते हैं।

PM स्टोर ने कहा कि EFTA देशों के बीच हमारा एक मुक्त व्यापार समझौता है। यह एक बहुत ही दूरदर्शी और महत्वाकांक्षी समझौता है। हमने विभिन्न कंपनियों में भारत में निवेश करने के प्रति भारी उत्साह देखा है। यह न केवल भारत में रोजगार और जन-कल्याण के लिए अच्छा है, बल्कि नॉर्वे में रोजगार के अवसरों के लिए भी फायदेमंद है। हमने एक ‘हरित रणनीतिक साझेदारी’ भी स्थापित की है। ओस्लो में आयोजित यह शिखर सम्मेलन भारत और नॉर्वे के बीच मजबूत होते रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी रिश्तों की नई तस्वीर लेकर सामने आया। हरित ऊर्जा, समुद्री क्षेत्र, डिजिटल नवाचार और निवेश जैसे अहम क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग यह संकेत देता है कि आने वाले सालों में दोनों देशों की साझेदारी वैश्विक स्तर पर नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा ने भारत को निवेश और नवाचार के भरोसेमंद केंद्र के रूप में और मजबूत पहचान दिलाई है।



