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‘अफगान अस्पताल पर बमबारी करने वाले ज्ञान न दें’, UNSC में भारत ने पाकिस्तान को लगाई फटकार

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक के दौरान भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद और मानवाधिकारों के मुद्दे पर कड़ी फटकार लगाई। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वथनेनी ने पाकिस्तान के दोहरे रवैये और उसके इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि अफगानिस्तान में अस्पतालों पर बमबारी करने वाला देश मानवाधिकारों पर उपदेश नहीं दे सकता।

UNSC में ‘सशस्त्र संघर्षों में नागरिकों की सुरक्षा’ विषय पर आयोजित खुली बहस के दौरान हरीश पर्वथनेनी ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है और संघर्ष की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का अहम हिस्सा मानता है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में दुनिया भर के 20 सशस्त्र संघर्षों में 37 हजार से अधिक नागरिकों की मौत दर्ज की गई है। नागरिकों की मौत, विस्थापन, अस्पतालों और स्कूलों पर हमले गंभीर चिंता का विषय हैं। भारत नागरिकों की सुरक्षा को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का समर्थन करता है।

पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि वह आतंकवाद और हिंसा को बढ़ावा देने वाला देश रहा है। उन्होंने 1971 के ‘ऑपरेशन सर्चलाइट’ का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान की सेना पर बड़े पैमाने पर अत्याचार और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के गंभीर आरोप लगे थे।

हरीश पर्वथनेनी ने अफगानिस्तान में हुए हवाई हमलों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि पाकिस्तान द्वारा नागरिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों के मूल सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

भारत ने UNSC में सीमा पार आतंकवाद को लेकर भी चिंता जताई। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि आतंकवाद क्षेत्रीय शांति और वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है तथा आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

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