CG assembly monsoon session : छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 14 जुलाई से, पांच बैठकों में वित्तीय और शासकीय कार्यों पर होगी चर्चा
CG assembly monsoon session : छत्तीसगढ़ विधानसभा का छठवां मानसून सत्र आगामी 14 जुलाई 2025 से शुरू होने जा रहा है, जो 18 जुलाई तक चलेगा। विधानसभा सचिवालय ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सत्र में कुल 5 बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें वित्तीय कार्यों के साथ-साथ शासकीय नीतियों, विधायी विषयों और जनहित के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
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मानसून सत्र का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह राज्य सरकार के कामकाज की समीक्षा का अवसर देता है। इस दौरान सरकार की नीतियों पर विपक्ष सवाल खड़े करेगा, जबकि सत्तापक्ष अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का ब्यौरा देगा।
बजट सत्र रहा था विशेष, 1,862 सवालों के साथ हुआ था समापन
इससे पहले वर्ष 2025 का बजट सत्र 24 फरवरी से 21 मार्च तक चला था, जिसमें कुल 17 बैठकें आयोजित की गई थीं। उस सत्र की शुरुआत राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण से हुई थी, और उसी दिन राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट भी प्रस्तुत किया था।
विधायकों की सक्रियता भी बजट सत्र के दौरान देखने को मिली। सत्र में कुल 1,862 प्रश्न लगाए गए थे, जिनमें 943 तारांकित और 871 अतारांकित सवाल थे। अधिकांश सवाल ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत किए गए, जो तकनीकी दृष्टिकोण से विधानसभा के कार्यशैली में हुए बदलाव को दर्शाता है।
बजट सत्र के दौरान सदन में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, औद्योगिक विकास, बिजली आपूर्ति, महिला सुरक्षा, सड़क निर्माण, युवाओं को रोजगार देने से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई थी।
दूसरा बजट पेश करने की तैयारी में ओपी चौधरी
वर्तमान सरकार का यह दूसरा बजट होगा। पहली बार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने 9 फरवरी 2025 को अपना पहला बजट प्रस्तुत किया था, जिसकी राशि ₹1,47,500 करोड़ थी। यह पिछली भूपेश बघेल सरकार के बजट की तुलना में लगभग 22% अधिक था। इस बार यह देखना दिलचस्प होगा कि वित्त मंत्री ओपी चौधरी आगामी बजट में किस वर्ग को कितना महत्व देते हैं। (CG assembly monsoon session)
कयास लगाए जा रहे हैं कि बजट में महिलाओं, किसानों, युवाओं और उद्योग जगत के लिए बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। इसके अलावा, आगामी पंचायत चुनावों और नगरीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा सकती है। (CG assembly monsoon session)
विपक्ष की रणनीति पर भी निगाह
मानसून सत्र में कांग्रेस समेत समस्त विपक्षी दलों की रणनीति पर भी सबकी निगाह होगी। वे महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था, बिजली संकट और स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकते हैं। वहीं सत्तापक्ष सरकार की 6 माह की उपलब्धियों को गिनाकर जवाब देगा। (CG assembly monsoon session)



