मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय, खनिज नियमों में संशोधन, रेत नीतियों में बदलाव और क्रिकेट अकादमी की स्थापना

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इनमें खनिज निधियों के उपयोग, रेत नीति में बदलाव, कृषि भूमि के मूल्य निर्धारण के नए नियम और नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी की स्थापना शामिल हैं।

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY)-2024 के तहत भारत सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी। अब न्यास की राशि का कम से कम 70 प्रतिशत उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला-बाल कल्याण, वृद्ध-निःशक्तजन, कौशल विकास, स्वच्छता, आवास और पशुपालन के क्षेत्र में व्यय किया जाएगा।
सरकार ने रेत के अवैध उत्खनन पर रोक और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से पूर्व के रेत नियमों को निरस्त कर नया “छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम-2025” मंजूर किया। इसके तहत रेत खदानों का आवंटन अब इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के जरिए होगा। इससे अवैध उत्खनन रुकेगा, आम लोगों को उचित दरों पर रेत मिलेगी और पर्यावरण मानकों का सख्ती से पालन हो सकेगा।
कैबिनेट ने कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण से जुड़े नए प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इसके तहत अब 500 वर्गमीटर की सीमा समाप्त कर सम्पूर्ण कृषि भूमि का मूल्य हेक्टेयर दर से तय होगा। इससे भारतमाला परियोजना और अरपा-भैंसाझार जैसे मामलों में हुई अनियमितताओं से बचा जा सकेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की परिवर्तित भूमि का मूल्य अब सिंचित भूमि के ढाई गुना के बजाय यथावत होगा। शहरी सीमा से लगे गांवों और निवेशरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। क्षेत्रों की भूमि के लिए वर्गमीटर दर तय की जाएगी।
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) को नवा रायपुर के सेक्टर-3, ग्राम परसदा में 7.96 एकड़ भूमि क्रिकेट अकादमी के लिए आबंटित करने की स्वीकृति दी। इस अत्याधुनिक अकादमी से राज्य के प्रतिभावान क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। इससे प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और खेल के क्षेत्र में नई दिशा खुलेगी।



