छत्तीसगढ़ में डिजिटल राजस्व क्रांति! भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न लागू
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को नई रफ्तार देते हुए नागरिक सुविधा के क्षेत्र में दो बड़ी और क्रांतिकारी पहल की शुरुआत की है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपने निवास कार्यालय से भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा और ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा का औपचारिक राज्यव्यापी शुभारंभ किया। यह पहल राजस्व सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
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इन दोनों सेवाओं के शुरू होने से अब नागरिकों को राजस्व कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजस्व से जुड़ी अधिकांश सेवाएँ घर बैठे, मोबाइल और ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध होंगी, जिससे समय, श्रम और संसाधनों की बड़ी बचत होगी।
व्हाट्सऐप पर मिलेगी पूरी राजस्व सेवा
भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट के माध्यम से नागरिक अब अपने मोबाइल फोन पर ही राजस्व विभाग से जुड़ी विभिन्न सेवाओं और जानकारियों का लाभ ले सकेंगे। यह सेवा शासन और नागरिकों के बीच सीधा डिजिटल संवाद स्थापित करती है।
इस चैटबॉट के जरिए नागरिकों को
- भूमि संबंधी जानकारी
- राजस्व न्यायालय से जुड़ी जानकारी
- मोबाइल नंबर एवं आधार लिंक करने की सुविधा
- किसान किताब आवेदन
- नामांतरण (म्यूटेशन) आवेदन
सहित कई महत्वपूर्ण राजस्व सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस सेवा का लाभ लेने के लिए नागरिक 7289056060 नंबर को अपने मोबाइल में सेव कर व्हाट्सऐप पर संदेश भेज सकते हैं। इसके बाद चैटबॉट स्वतः आवश्यक जानकारी और सेवाएँ उपलब्ध कराएगा।
ऑटो-डाइवर्ज़न से भूमि उपयोग परिवर्तन होगा आसान
राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने ऑटो-डाइवर्ज़न (पुनर्निर्धारण) सुविधा का भी शुभारंभ किया, जिससे भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध हो गई है।
नई व्यवस्था के तहत नागरिक बिना किसी कागजी प्रक्रिया और कार्यालयों के चक्कर लगाए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पोर्टल पर भूमि चयन से लेकर प्रीमियम और शुल्क की गणना तक की पूरी प्रक्रिया स्वचालित की गई है।
भुगतान के लिए ई-चालान प्रणाली लागू की गई है। आवेदन के साथ छह अनिवार्य दस्तावेजों का ऑनलाइन अपलोड आवश्यक होगा, जिससे प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
15 दिन में फैसला, नहीं तो डिम्ड डाइवर्ज़न
आवेदन जमा होते ही वह स्वतः संबंधित सक्षम अधिकारी को परीक्षण हेतु भेज दिया जाएगा। अधिकारी को 15 दिनों के भीतर निर्णय लेना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय सीमा में कोई निर्णय नहीं होता है, तो नागरिक को डिम्ड डाइवर्ज़न प्रमाणपत्र स्वतः जारी कर दिया जाएगा।
यदि आवेदन के दौरान जमा की गई राशि वास्तविक देय राशि से कम पाई जाती है, तो नागरिक को सूचना दी जाएगी और 60 दिनों के भीतर शेष राशि जमा करनी होगी, अन्यथा विलंब शुल्क लागू होगा।
इस सुविधा का लाभ नागरिक https://revenue.cg.nic.in/citizenrequest/ पोर्टल के माध्यम से ले सकते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि
“तकनीक के माध्यम से शासन को सीधे नागरिकों से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न जैसी पहल से राजस्व सेवाएँ तेज़, सरल और पारदर्शी होंगी और छत्तीसगढ़ सुशासन की दिशा में नई ऊँचाइयों को छुएगा।”
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि
“इन डिजिटल पहलों से राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी। ऑटो-डाइवर्ज़न व्यवस्था नागरिकों को त्वरित राहत देगी और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करेगी।”
सरकार का स्पष्ट संदेश: पारदर्शिता और जवाबदेही
इस अवसर पर राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले, संचालक राजस्व श्री विनीत नंदनवार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



