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सरगुजा में नाबालिग लड़कियों के साथ अपहरण के बाद गैंगरेप, कांग्रेस ने बनाई जांच टीम

Congress on Gang Rape: सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़कियों के साथ अपहरण के बाद सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 4 नाबालिग समेत कुल 8 आरोपियों को हिरासत में लिया है। घटना 24 अप्रैल की रात की है, जब पीड़ित लड़कियां एक शादी समारोह से लौट रही थी। जानकारी के मुताबिक बंदना गांव में एक शादी समारोह आयोजित था। कार्यक्रम से देर रात लौट रही चार नाबालिग लड़कियों को रास्ते में कुछ युवकों ने घेर लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी चार बाइक पर सवार थे और उन्होंने लड़कियों को जबरन रोककर उन्हें मोटरसाइकिल पर बैठा लिया।

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आरोप है कि लड़कियों को सुनसान इलाके की ओर ले जाया जा रहा था। इस दौरान एक लड़की चलती बाइक से कूदकर भागने में सफल रही, जबकि एक अन्य लड़की मौके से किसी तरह बच निकली। वहीं दो लड़कियों को आरोपियों ने अपने कब्जे में रखकर उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़ित लड़कियों ने अपने परिजनों को पूरी आपबीती बताई, जिसके बाद परिवारों में आक्रोश फैल गया। परिजनों का आरोप है कि जब वे 25 अप्रैल की सुबह शिकायत दर्ज कराने सीतापुर थाने पहुंचे तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और लीपापोती करने का प्रयास किया। बढ़ते दबाव और जनाक्रोश के बाद 26 अप्रैल को पुलिस ने FIR दर्ज की। शुरुआती मेडिकल जांच में सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि नहीं होने पर परिजनों ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद पीड़िताओं का मेडिकल परीक्षण अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराया गया, जहां रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने की बात सामने आई।

इस मामले में सरगुजा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान ही दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए 5 और आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें 4 नाबालिग हैं। मामले की जांच जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। आदिवासी नाबालिग लड़कियों के साथ हुई इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस कमेटी ने 5 सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। यह टीम घटना स्थल का दौरा करेगी, पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेगी और पूरे मामले की वस्तुस्थिति का आकलन करेगी। बताया जा रहा है कि 2 मई को छत्तीसगढ़ की सह-प्रभारी जरिता लैतफलांग भी गांव पहुंचकर पीड़िताओं और उनके परिजनों से मुलाकात करेंगी।

क्षेत्र में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। स्थानीय लोगों में आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि नाबालिगों की सुरक्षा और संवेदनशील मामलों में पुलिस की शुरुआती प्रतिक्रिया पर भी गंभीर चिंताएं पैदा करती है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन और समाज दोनों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि पीड़िताओं को न्याय कितनी जल्दी और प्रभावी तरीके से मिल पाता है। (Congress on Gang Rape)

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