सारंगढ़ में दो सगी बहनों की गई जान, सरगुजा में चाचा-भतीजा डूबे

Death Due to Drowning: छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सरगुजा जिले से नदी में डूबने के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। इन हादसों में कुल 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक नाबालिग को सुरक्षित बचा लिया गया। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने एक बार फिर नदी-तालाबों के आसपास सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला मामला सारंगढ़ ब्लॉक के जशपुर गांव का है, जहां नदी में डूबने से दो सगी बहनों की मौत हो गई। घटना कोसीर थाना क्षेत्र की है, जहां हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
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जानकारी के मुताबिक जशपुर गांव के संतोष माली की दो बेटियां करीना माली और चांदनी माली सोमवार दोपहर घर से बिना बताए खेलने के लिए निकली थी। काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शाम करीब 7 बजे ग्रामीणों ने गांव की नदी में दो बच्चियों के शव तैरते हुए देखे। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों की पहचान अपनी बेटियों के रूप में की। मंगलवार को ग्रामीणों की मदद से शवों को नदी से बाहर निकाला गया। (Death Due to Drowning)
घुनघुट्टा नदी में चाचा-भतीजा की मौत
घटना की सूचना पर कोसीर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण डूबना बताया जा रहा है। इधर, सरगुजा जिले के अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर स्थित घुनघुट्टा नदी में डूबने से चाचा-भतीजा की मौत हो गई, जबकि एक नाबालिग को स्थानीय लोगों ने बचा लिया। जानकारी के मुताबिक अंबिकापुर के मायापुर के रहने वाले उज्ज्वल भारती (17) और उसका चाचा अमन कुमार (19) उत्तरप्रदेश से दो दिन पहले अंबिकापुर घूमने आए थे। मंगलवार दोपहर दोनों ने अपने दोस्त समर्थ सोनी (17) को फोन कर बुलाया। समर्थ अपने 8 साल के भतीजे के साथ मौके पर पहुंचा। (Death Due to Drowning)

नहाने के दौरान अमन गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के प्रयास में उज्ज्वल और समर्थ भी पानी में फंस गए। तीनों को डूबता देख किनारे खड़े बच्चे ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। हालांकि इस हादसे में अमन कुमार और उज्ज्वल भारती की मौत हो गई, जबकि समर्थ सोनी को सुरक्षित बाहर निकालकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि इसी जगह पर 10 दिन पहले भी मामा-भांजी की डूबने से मौत हो चुकी है, जिससे यह इलाका लगातार हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। लगातार सामने आ रही डूबने की घटनाओं ने प्रशासन और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को उजागर किया है। विशेषकर गर्मी के मौसम में नदी-तालाबों में नहाने और खेलने जाने वाले बच्चों व युवाओं के लिए सतर्कता बेहद जरूरी हो गई है।



