राजस्व सुधार में डिजिटल क्रांति: मंत्री टंक राम वर्मा ने गिनाईं 2 साल की उपलब्धियां

CG Revenue Department : राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित पत्रकार वार्ता में राजस्व विभाग की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि विभाग ने भूमि प्रबंधन, डिजिटल रिकॉर्ड, किसानों के हित और प्रशासनिक सुधार की दिशा में कई बड़े और ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
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एग्रीस्टेक और डिजिटल भूमि सुधार
मंत्री वर्मा ने बताया कि एग्रीस्टेक योजना के तहत जियो-रेफरेंसिंग, फार्मर रजिस्ट्रेशन और डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) की शुरुआत की गई है। पटवारी नक्शों की जियो-रेफरेंसिंग के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। राज्य में प्रत्येक भूखंड को यूएल-पिन नंबर देकर भू-आधार कार्ड जारी किया जाएगा। (CG Revenue Department)
शहरी और ग्रामीण सर्वे-रिसर्वे
18 फरवरी 2025 से धमतरी, जगदलपुर और अंबिकापुर में नक्शा प्रोग्राम के तहत शहरी भू-अभिलेखों का अद्यतीकरण शुरू किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में GPS और ड्रोन तकनीक से सर्वे-रिसर्वे किया जा रहा है। नगरीय क्षेत्रों में चांदा-मुनारा कार्य के लिए 16 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शहरी इलाकों में 1500 स्केल पर नया भूमि सर्वे शुरू होगा, जिससे छोटे भूखंडों का पंजीकरण संभव होगा। (CG Revenue Department)
भूमि व्यपवर्तन और नामांतरण में सुधार
भूमि व्यपवर्तन की प्रक्रिया को ऑनलाइन और सरल बनाया जा रहा है, जिसके लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्व-नामांतरण प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
भू-अर्जन के दौरान अनाधिकृत लाभ लेकर अधिक मुआवजा लेने पर रोक लगाई गई है।
परियोजना की स्वीकृति मिलते ही संबंधित भूमि पर विक्रय, विनिमय और बंटवारे पर रोक लागू होगी।
पूर्व सरकार द्वारा बेची गई सरकारी जमीनों की जांच जारी है।
प्रशासनिक ढांचे को मजबूती
रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण के लिए अतिरिक्त न्यायालय स्थापित किए जाएंगे।
इसके लिए 30 तहसीलदार और 15 नायब तहसीलदार पद सृजित किए गए हैं।
चकरभाठा (मुंगेली) और सकर्रा (तखतपुर) में उप-तहसील शुरू की गई है।
नवा रायपुर में नई तहसील की स्थापना को मंजूरी दी गई है।
नवगठित तहसीलों के भवनों के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
जनहित और आवासीय योजनाएं
लोक सेवा गारंटी में सेवाओं की समय-सीमा घटाई गई है।
अवैध कॉलोनियों पर रोक के लिए 5 डिसमिल से कम भूमि विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है।
छत्तीसगढ़ जन आवास योजना के तहत 2 से 10 एकड़ भूमि पर प्लॉट बिक्री की अनुमति दी गई है।
कॉलोनी और अपार्टमेंट की सामुदायिक भूमि को संयुक्त नाम पर दर्ज किया जाएगा।
किसानों और आपदा प्रबंधन पर फोकस
लगभग 80 हजार हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए हैं।
शहरी भूमिहीनों को पट्टा देने की तैयारी की जा रही है।
दीनदयाल उपाध्याय कृषि कल्याण योजना के लिए 562 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपये वार्षिक सहायता दी जा रही है।
आपदा प्रबंधन के लिए-
- राज्य आपदा मोचन निधि: 533.60 करोड़
- राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि: 50 करोड़
- राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि: 133.40 करोड़
स्टाफ की कमी भी स्वीकार
- मंत्री ने माना कि राजस्व विभाग में स्टाफ की भारी कमी है।
- राजस्व निरीक्षक: 393 पद रिक्त
- पटवारी: 911 पद रिक्त
- लिपिक व चतुर्थ श्रेणी: 2881 पद रिक्त
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण संस्थानों में छात्रावास और संसाधन बढ़ाने की योजना है, जिससे लंबित राजस्व मामलों में तेजी लाई जा सके।



