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किसानों की जमा राशि पर किसने डाला डाका ? रकम जमा फिर भी खाद-बीज से वंचित किसान

Farmers of Bemetara Worried: बेमेतरा जिले की सेवा सहकारी समिति मुरता में किसानों के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। आरोप है कि साल 2022-23 में किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से खाद-बीज के लिए जमा की गई करीब 50 लाख रुपए की राशि समिति कर्मचारियों ने बैंक में जमा ही नहीं की, जिसकी वजह से 100 से ज्यादा किसान प्रभावित हैं। पीड़ित किसानों ने मोहतरा में आयोजित समाधान शिविर में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। किसानों का कहना है कि उन्होंने समय पर अपनी राशि जमा कर दी थी, लेकिन रिकॉर्ड में आज भी उनके नाम पर कर्ज बकाया दिखाया जा रहा है। इसके चलते उन्हें खाद और बीज नहीं मिल पा रहा है, जिससे खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है।

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एक किसान ने बताया कि जब वह खाद-बीज लेने सोसाइटी पहुंचे तो कर्मचारियों ने उनके ऊपर कर्ज बकाया होने की बात कहकर सामग्री देने से इनकार कर दिया। इसके बाद घर पहुंचकर उन्होंने जमा राशि की रसीदों की जांच की, तब पूरे मामले में गड़बड़ी का खुलासा हुआ। किसानों का आरोप है कि उनसे रकम तो वसूली गई, लेकिन उसे बैंक में जमा नहीं कराया गया। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि अगर यह गड़बड़ी साल 2022-23 में हुई थी तो फिर पिछले चार सालों में इसकी जांच क्यों नहीं हुई। किसानों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और उनकी जमा राशि वापस दिलाने की मांग की है। मामले के सामने आने के बाद सहकारी समिति और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। 

किसानों को प्रशासन से उम्मीद

अब किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कार्रवाई कर उन्हें राहत देगा। खेती-किसानी पहले ही मौसम की मार, बढ़ती लागत और आर्थिक परेशानियों से जूझ रही है, ऐसे में अगर किसानों की मेहनत की कमाई ही सुरक्षित न रहे तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। खाद-बीज के लिए जमा की गई रकम में गड़बड़ी ने किसानों की उम्मीदों और भरोसे दोनों को झटका दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई कर किसानों को न्याय दिला पाता है या फिर अन्नदाता यूं ही दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर रहेगा। (Farmers of Bemetara Worried)

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