फुटबॉल मैच के दौरान मौत का तांडव, 170 से ज्यादा की मौत

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Football Match Violence: इंडोनेशिया में एक फुटबॉल मैच के दौरान मौत का तांडव देखने को मिला। दरअसल, हिंसा की वजह से 174 लोग मारे गए। जबकि 180 घायल हैं। जानकारी के मुताबिक BRI लीग-1 में दो टीमों के बीच मैच चल रहा था। एक टीम के हारने के बाद उसके फैंस मैदान में घुस गए। इस घटना के बाद ही पुलिस ने एक्शन लिया। पुलिस ने बताया कि घटना में 174 लोगों की मौत हो गई है, इनमें से दो पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। स्टेडियम के अंदर मौके पर ही 34 लोगों की मौत हो गई और बाकी की अस्पताल में हुई है।

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घटना के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें फैंस सुरक्षाकर्मियों पर सामान फेंकते दिख रहे हैं। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े। इंडोनेशिया के फुटबॉल संघ ने बयान जारी कर घटना पर दुख जताया है। PSSI ने कहा कि खेल के बाद जो हुआ उसकी जांच की जाएगी और इसके लिए एक टीम मलंग के लिए रवाना हो गई है। पीटी लीगा इंडोनेशिया बारू के अध्यक्ष अखमद हदियन लुकिता ने कहा कि हम इस घटना का गहरा दुख है। उम्मीद है कि यह हम सभी के लिए एक सबक होगा। (Football Match Violence)

इंडोनेशिया में घरेलू फुटबॉल लीग लीगा-1 में अरेमा और पार्सबाय के बीच एक मैच खेला गया। इस मुकाबले में अरेमा को 2-3 से हार का सामना करना पड़ा। अरेमा की हार के बाद टीम के फैंस ने बवाल शुरू कर दिया। यह बवाल धीरे-धीरे इतना बड़ा हो गया कि पूरे स्टेडिमय में फैल गया और भगदड़ मच गई। बता दें कि साल 1964 में पेरू के लीमा नेशनल स्टेडियम में भगदड़ हुई थी। इसमें 320 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 1 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मिस्र के पोर्ट सेड स्टेडियम में हुई हिंसा के दौरान 74 लोगों की मौत हो गई थी। 1989 में UK के हिल्सबोरो स्टेडियम में भगदड़ मचने के बाद 96 लोगों की मौत हो गई थी। (Football Match Violence)

इंडोनेशिया से पहले उरुग्वे प्रीमियर लीग 2008 में एक बड़ा बवाल हुआ था। इस बवाल ने धीरे-धीरे दंगे का रूप ले लिया और लोग सड़कों पर उतर आए थे। दरअसल इस लीग के एक मैच में डेन्यूब ने जीत दर्ज की। इस टीम के जीत के बाद दोनों ही टीमों के फैंस मैदान पर उतर आए और दंगा करने लगे। इसकी वजह से बड़े पैमाने पर प्रोपर्टी का नुकसान हुआ था। यह झगड़ा मैदान से बाहर सड़कों पर उतर आया था। हालांकि इस घटना में कई हताहत नहीं हुआ था। इस बवाल के बाद उरुग्वे एफए ने लीग सीज़न को अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला किया था। बता दें कि हिंसा की वजह से कई लोगों को जान गंवाने पड़ी थी।

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