स्कूलों के सफाईकर्मियों और रसाइयों को सौगात, मानदेय में 500 रुपए बढ़ोतरी का आदेश जारी

Gift to Cleaners: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा पर त्वरित अमल कर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में कार्यरत अंशकालीन सफाईकर्मी और मध्यान्ह भोजन से जुड़े रसोइयों के मानदेय में 500 रुपए प्रति माह बढ़ोतरी के आदेश जारी कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन से जारी आदेश से छत्तीसगढ़ के स्कूलों में कार्यरत लगभग 43 हजार अंशकालीन सफाईकर्मियों और मध्यान्ह भोजन बनाने वाले लगभग 87 हजार 500 रसोइयों को बड़ी राहत मिली है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इनके मानदेय में 500 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग की ओर से पखवाड़े भर पहले वृद्धि पर सहमति प्रदान करने के बाद यह बढ़ोतरी की है। जारी आदेश के मुताबिक रसाइयों का मानेदय 1500 रुपए से बढ़कर अब 2000 रुपए हो जाएगा और सफाईकर्मियों के मानदेय में 500 रुपए की वृद्धि हो जाएगी।

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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजधानी रायपुर में आयोजित 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में छत्तीसगढ़ में शिक्षा सुविधाओं में योगदान देने वाले अंशकालीन सफाईकर्मी और मध्यान्ह भोजन से जुड़े रसोइयों के मानदेय में 500 रुपए प्रति माह बढ़ोतरी की घोषणा की थी। छत्तीसगढ़ में रोजगार, स्व-रोजगार, स्थानीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और उद्यमिता विकास को लेकर अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। साढ़े चार सालों में ग्रामीण तबकों और सुदूर वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों तक इन योजनाओं का भरपूर लाभ पहुंचा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में निवास करने वाले वनवासी और आदिवासियों के हित में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ में देश का 74 प्रतिशत लघु वनोपज संग्रहित होता है। (Gift to Cleaners)

छत्तीसगढ़ में संग्राहकों के हित में लघु वनोपजों की संख्या में वृद्धि करते हुए 7 से बढ़ाकर वर्तमान में 67 लघु वनोपजों की खरीदी की जा रही है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख श्रीनिवास राव ने बताया कि इसके परिणाम स्वरूप साढ़े चार सालों में संग्राहकों की संख्या में भी 4 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। साल 2018-19 में संग्राहकों की संख्या 1.5 लाख थी, जो आज बढ़कर 6 लाख हो गई है। 2021-22 में कुल 42 हजार मीट्रिक टन लघु वनोपजों की खरीदी की गई है, जबकि यह मात्रा 2018-19 में 540 मीट्रिक टन थी। इस तारतम्य में प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ अनिल राय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में लघु धान्य फसलों को बढ़ावा देने के लिए मिलेट मिशन भी चलाया जा रहा है। इसके तहत समर्थन मूल्य पर कोदो, कुटकी, रागी की खरीदी की जा रही है। (Gift to Cleaners)

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