नक्सलियों की साजिश का शिकार हुए जवान, IED डिफ्यूज करते वक्त हुआ ब्लास्ट, DRG के 4 जवान शहीद
IED Blast in Kanker: छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर में नक्सलियों के बिछाए गए IED ब्लास्ट में चार जवान शहीद हो गए। यह घटना छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के कोरोसकोडा जंगल में उस वक्त हुई, जब सुरक्षाबल सर्च ऑपरेशन पर निकले थे। जानकारी के मुताबिक डी-माइनिंग और एरिया डॉमिनेशन अभियान के तहत DRG की टीम कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर अबूझमाड़ के जंगलों में नक्सलियों के डंप की रिकवरी के लिए गई थी। इसी दौरान सुरक्षाबल एक संदिग्ध IED को डिफ्यूज कर रहे थे, तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना भीषण था कि जवानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस ब्लास्ट में चार जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इनमें से तीन जवानों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक घायल जवान को बेहतर इलाज के लिए रायपुर एयरलिफ्ट किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी जान चली गई।
यह भी पढ़ें:- 10वीं बोर्ड में असफलता से परेशान छात्र ने लगाई फांसी, गांव में शोक
शहीद जवानों की पहचान
- सुखराम वट्टी (40), निवासी बीजापुर- DRG इंस्पेक्टर
- संजय गढ़पाले (29), निवासी कांकेर- बस्तर फाइटर कॉन्स्टेबल
- कृष्णा कोमरा (35), निवासी कांकेर- DSF कॉन्स्टेबल
- परमानंद कोर्राम (29), निवासी कांकेर- बस्तर फाइटर कॉन्स्टेबल
ऑपरेशन के दौरान मिला नक्सली डंप
बस्तर IG सुंदरराज पी. ने बताया कि सुरक्षाबलों को सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों का एक डंप भी मिला है। सरेंडर कर चुके नक्सलियों से मिले इनपुट के आधार पर पिछले कुछ महीनों से लगातार IED रिकवरी अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार का ऑपरेशन भी इसी अभियान का हिस्सा था। IG ने यह भी बताया कि साल 2026 में अब तक करीब 300 IED बरामद किए जा चुके हैं, लेकिन इस दौरान यह बड़ा हादसा हो गया, जिसमें चार जवानों की जान चली गई। नक्सल गतिविधियों में कमी आने के बाद अबूझमाड़ के घने जंगलों में छिपाए गए नक्सली डंप को निकालने का अभियान तेज किया गया है। इसी कड़ी में यह कार्रवाई की जा रही थी, जहां यह हादसा हो गया। (IED Blast in Kanker)
CM विष्णुदेव साय ने जताया दुख
शहीद जवानों के शवों का पोस्टमार्टम नारायणपुर जिला अस्पताल में किया गया। इसके बाद कल रक्षित केंद्र में उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी और फिर उनके गृहग्राम के लिए रवाना किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि डी-माइनिंग अभियान के दौरान चार वीर जवानों का शहीद होना बेहद दुखद है। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है। CM ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार शहीद परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती के साथ खड़ी है। जवानों का साहस, समर्पण और बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में ऑपरेशन कितने जोखिम भरे होते हैं और सुरक्षाबल किस तरह हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सुरक्षा में लगे रहते हैं।



