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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला FAO का सर्वोच्च ‘एग्रीकोला मेडल’, PM ने किसानों को समर्पित किया सम्मान

Modi Receives Agricola Medal: इटली के रोम स्थित फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन ऑफ द यूनाइटेड नेशंस (FAO) डिपार्टमेंट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया। ये सम्मान FAO के महानिदेशक डॉ. क्यू डोंग्यू ने दिया। इसे लेकर PM मोदी ने कहा कि हमारे शानदार स्वागत और ‘एग्री-कोला मेडल’ से सम्मानित करने के लिए मैं FAO के महानिदेशक का ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूं। यह भारत के करोड़ों किसानों, पशुपालकों, मत्स्य पालकों, कृषि वैज्ञानिकों और श्रमिकों का सम्मान है। यह भारत की उस अटूट प्रतिबद्धता का भी सम्मान है, जिसके केंद्र में मानव कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास है। मैं इस मेडल को अत्यंत विनम्रता के साथ स्वीकार करते हुए भारत के अन्नदाताओं को स​मर्पित करता हूं। यह हमारे किसानों, पशुधन और मत्स्य पालन से जुड़े लोगों, हमारे कृषि वैज्ञानिकों और नवप्रवर्तकों की कड़ी मेहनत की पहचान है। यह मानव कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता की भी एक स्वीकृति है।

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PM मोदी ने आगे कहा कि हजारों सालों की सीख और भारत की कृषि परंपरा के साथ आज हमारा देश कृषि क्षेत्र में विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन संचालित दृष्टिकोण को लेकर आगे बढ़ रहा है। हम सिर्फ उत्पादन बढ़ाने के लिए ही नहीं, एक ऐसा कृषि पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए भी काम कर रहे हैं, जो सस्टेनेबल भी हो, क्लाइमेट-रेसिलिएंट भी हो, और फ्यूचर-रेडी भी हो और इसलिए पूरे भारत में वैज्ञानिक कृषि को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। टेक्नोलॉजी आज भारतीय कृषि की नई ताकत बन रही है। हम मानते हैं कि खेती का भविष्य केवल ज्यादा उत्पादन में नहीं, बल्कि बेहतर उत्पादन में है। इसी सोच के साथ जैव विविधता बढ़ाने और रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने पर बल दिया जा रहा है। (Modi Receives Agricola Medal)

उन्होंने कहा कि भारत का अनुभव दुनिया को दिखा रहा है कि पैमाने और स्थिरता साथ-साथ चल सकती है। टेक्नोलॉजी और समावेश एक दूसरे को मजबूत कर सकते हैं और विज्ञान संचालित कृषि वैश्विक खाद्य सुरक्षा का मजबूत आधार बन सकता है। भारत फूड-सरप्लस नेशन होने के साथ-साथ वैश्विक फूड सेफ्टी में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। मिल्क और स्पाइस प्रोडक्शन में भारत सबसे आगे है। चावल, गेहूं, फल, सब्जियां और कपास के उत्पादन में भी भारत अग्रणी देशों में शामिल है। हमारे लिए खाद्य सुरक्षा केवल नीतिगत विषय नहीं है, बल्कि यह मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। भारत के कृषि निर्यात में काफी बढ़ोतरी हुई है। यह 2020 में $35 बिलियन से बढ़कर पिछले साल $51 बिलियन से भी ज्यादा हो गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में खेती सिर्फ फसल उगाने का ज़रिया नहीं है। इसे इंसानों और धरती मां के बीच गहरे और पवित्र रिश्ते का दर्जा दिया गया है। भारत में, खेती जीवन की मेनस्ट्रीम है, यह हमारी संस्कृति का एक ज़रूरी हिस्सा है, यह हमारे जीवन मूल्यों की झलक है। हम जमीन को ‘माँ’ कहते हैं। हम किसानों को ‘धरती पुत्र’ कहते हैं। ये हजारों साल पुराने मूल्य आज भी हमारी कोशिशों के पीछे प्रेरणा हैं। भारतीय जनता पार्टी ने ट्वीट कर कहा कि PM मोदी को FAO एग्रीकोला मेडल 2026 से सम्मानित किया गया है, जो संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन का सर्वोच्च सम्मान है। रोम में महानिदेशक डॉ. QU डोंग्यु द्वारा प्रदान किया गया यह प्रतिष्ठित सम्मान, खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि, प्राकृतिक खेती और हमारे किसानों के डिजिटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में भारत की परिवर्तनकारी यात्रा का उत्सव मनाता है। PM मोदी ने यह पुरस्कार भारत के 11 करोड़ से ज्यादा अन्नदाताओं को समर्पित किया, जो हमारे राष्ट्र की रीढ़ हैं। (Modi Receives Agricola Medal)

वहीं MEA सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर इटली की यात्रा की। यह प्रधानमंत्री मोदी की इटली की पहली द्विपक्षीय यात्रा है और कुल मिलाकर तीसरी यात्रा है। प्रधानमंत्री ऐसे समय में आए, जब हमारे द्विपक्षीय संबंधों में काफी तेजी आई है। PM मेलोनी ने 19 मई की शाम को प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक रात्रिभोज का आयोजन किया, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने आमने-सामने बैठकें कीं, जिनमें द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई। जॉर्ज ने आगे कहा कि इस साल की शुरुआत में भारत-EU FTA बातचीत पूरी होने से द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को और बढ़ावा मिला है। दोनों पक्षों ने अब 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है और निजी क्षेत्रों को साझेदारी करने और मजबूत सप्लाई चेन बनाने में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की कड़ी निंदा की, जिसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में हमारा द्विपक्षीय सहयोग भी गहरा हुआ है। महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग पर एक MoU पर हस्ताक्षर और भारत में एक इनोवेशन सेंटर स्थापित करने का निर्णय इस क्षेत्र में प्रमुख परिणाम थे। संस्कृति, शिक्षा और लोगों से लोगों के बीच संबंधों को मज़बूत करने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गईं। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि PM मोदी की पांच देशों की यह यात्रा बहुत सफल रही और इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन भी बहुत प्रभावशाली रहा। प्रधानमंत्री ने इन पांचों देशों में अपने व्यावसायिक कार्यक्रमों के दौरान, दुनिया की बड़ी कंपनियों के 50 से ज्यादा CEO से मुलाकात की। इनमें से बड़ी संख्या में कंपनियां पहले से ही भारत में निवेश कर चुकी हैं। भारत में उनका कुल निवेश और व्यावसायिक जुड़ाव लगभग 180 अरब अमेरिकी डॉलर का है। इन पांच देशों की यात्राएं, इन सभी के साथ हमारे आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और साथ ही भारत की विकास गाथा में और ज्यादा योगदान देने के लिहाज़ से बहुत महत्वपूर्ण हैं।

 

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