भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

PM on Global Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूज9 ग्लोबल समिट को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इंडो जर्मन पार्टनरशिप में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। भारत का एक मीडिया समूह आज के इंफॉर्मेशन युग में जर्मनी और जर्मन लोगों के साथ जुड़ने का प्रयास कर रहा है। इससे भारत के लोगों को जर्मनी और जर्मनी के लोगों को समझने का एक प्लेटफॉर्म मिलेगा। इस शिखर सम्मेलन का विषय है भारत-जर्मनी सतत विकास के लिए रोडमैप। यह विषय दोनों देशों की जिम्मेदार साझेदारी का प्रतीक है। यूरोप, भू-राजनीतिक संबंध, व्यापार और निवेश दोनों के लिहाज से भारत के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्र है और जर्मनी हमारे महत्वपूर्ण पार्टनर में से एक है।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र की 288 और झारखंड की 81 सीटों पर मतगणना जारी, दोनों राज्यों में BJP गठबंधन को बढ़त
उन्होंने कहा कि 2024 में भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे हुए हैं और ये साल इस पार्टनरशिप के लिए ऐतिहासिक और विशेष रहा है। 2024 में भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे हो जाएंगे और यह साल ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण है। पिछले महीने चांसलर ओलाफ स्कोल्ज तीसरी बार भारत आए थे। 12 साल बाद दिल्ली में जर्मन कारोबारियों का एशिया-प्रशांत सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें जर्मनी ने फोकस ऑन इंडिया दस्तावेज़ जारी किया। इसके अलावा भारत के लिए कौशल श्रम रणनीति जारी की गई। यह जर्मनी द्वारा जारी की गई पहली देश-विशिष्ट रणनीति है। बीते कुछ सालों में भारत और जर्मनी की आपसी पार्टनरशिप लगातार सशक्त हुई है। आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। (PM on Global Summit)
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में अग्रणी: PM मोदी
PM मोदी ने कहा कि दुनिया का हर देश विकास के लिए भारत के साथ साझेदारी करना चाहता है। जर्मनी का भारत पर ध्यान केंद्रित दस्तावेज इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। इस डॉक्यूमेंट से पता चलता है कि कैसे आज पूरी दुनिया, भारत की सामरिक महत्व को स्वीकार कर रही है। भारत में 1800 से ज्यादा जर्मन कंपनियां काम कर रही है। इन कंपनियों ने पिछले कुछ सालों में 15 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। दोनों देशों के बीच 34 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार होता है। मुझे पूरा भरोसा है कि यह व्यापार बढ़ेगा, क्योंकि हाल के सालों में भारत और जर्मनी के बीच साझेदारी मजबूत हुई है। भारत आज एक बहुत बड़ा विनिर्माण केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। भारत मेक इन इंडिया से जुड़े निर्माताओं को उत्पादन से जुड़ा प्रोत्साहन प्रदान करता है। मुझे खुशी है कि हमारे विनिर्माण परिदृश्य में बहुत बड़ा बदलाव आया है। आज भारत मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में अग्रणी है। (PM on Global Summit)



