Rajasthan Farmer Registry: राजस्थान में 77 लाख किसानों की बनी फार्मर रजिस्ट्री आईडी, लेकिन लैंड लिंकिंग और रिकॉर्ड अपडेट की समस्याएं बरकरार

Rajasthan Farmer Registry: जयपुर। राजस्थान में राज्य सरकार ने 77 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनाकर 86% काम पूरा कर लिया है। यह पहल बिचौलियों की भूमिका खत्म कर वास्तविक किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। अब पीएम किसान सम्मान निधि समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर यूनिक आईडी अनिवार्य कर दी गई है।
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हालांकि, अब किसानों को खसरा-खतौनी (जमाबंदी) अपडेट न होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एग्रीस्टैक प्रणाली में रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (ROR) की सत्यता जरूरी है, जो भूमि स्वामित्व की पुष्टि करता है। दिसंबर 2024 के बाद पोर्टल पर रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ है, जिससे लैंड सीडिंग प्रक्रिया अटक गई है।
पुराने खसरा नंबर नए मालिक के नाम पर ट्रांसफर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे कई किसान फार्मर रजिस्ट्री से लिंक नहीं हो पा रहे और पीएम किसान योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। अधिकारियों के पास समाधान नहीं है और किसान दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। (Rajasthan Farmer Registry)
सरकार की कई योजनाएं अब सिर्फ फार्मर आईडी पर आधारित हैं, जिसमें किसान को अपनी जमीन डिजिटल वेरिफिकेशन कराना जरूरी है। योजना का लाभ तभी मिलेगा जब जमीन 2 एकड़ या उससे कम हो और सही ढंग से लिंक की गई हो। (Rajasthan Farmer Registry)
भामाशाह कार्ड से जुड़ी पुरानी विसंगतियां भी बनी हुई हैं, जहां महिला मुखिया के नाम आईडी बनी है लेकिन जमीन पति के नाम पर होने से लाभ ट्रांसफर में समस्या आ रही है। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो लाखों किसान योजनाओं से वंचित रह सकते हैं। (Rajasthan Farmer Registry)



