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सक्ती वेदांता पावर प्लांट हादसे में बढ़ी मृतकों की संख्या, अब तक 25 मजदूरों की मौत, लापरवाही पर घिरा प्रबंधन

Sakti Plant Accident Update: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। दरअसल, रायपुर के कालड़ा अस्पताल में भर्ती एक और घायल मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान बिस्वजीत साहू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मरीज को दूसरी बार कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद डॉक्टरों ने तत्काल CPR और डिफिब्रिलेशन किया, लेकिन तमाम कोशिश के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

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इस हादसे में कुल 36 मजदूर झुलसे थे, जिनमें से अब तक 25 की मौत हो चुकी है। वर्तमान में 3 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि 5 को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। 2 मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। हादसे के अगले दिन 15 अप्रैल को औद्योगिक सुरक्षा विभाग के बॉयलर इंस्पेक्टर उज्जवल गुप्ता और उनकी टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच रिपोर्ट एसपी प्रफुल्ल ठाकुर को सौंपी गई, जिसमें प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई। इसके आधार पर FIR दर्ज की गई। जांच में पाया गया कि बॉयलर फर्नेस के भीतर अत्यधिक मात्रा में फ्यूल जमा हो जाने से दबाव बढ़ा, जिससे बॉयलर का निचला पाइप अपनी जगह से हट गया और विस्फोट हो गया। 

NGSL पर संचालन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी

FSL रिपोर्ट में भी इसी कारण की पुष्टि की गई है। साथ ही मशीनों के रखरखाव और संचालन में गंभीर चूक सामने आई है। जानकारी के मुताबिक वेदांता ने पिछले साल संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी NGSL को सौंपी थी। इसमें मशीनों की निगरानी, तकनीकी खामियों की पहचान, सुरक्षा मानकों का पालन और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल था। सिंघीतराई प्रोजेक्ट में NGSL की ओर से प्रोजेक्ट हेड और साइट इंचार्ज के रूप में राजेश सक्सेना तैनात थे, जो यूनिट-1 के दैनिक संचालन के लिए जिम्मेदार थे। औद्योगिक सुरक्षा विभाग के सहायक संचालक अश्विनी पटेल और वेदांता के PRO दीपक विश्वकर्मा ने भी पुष्टि की है कि बॉयलर यूनिट-1 का संचालन NGSL के जिम्मे था। अब ऑपरेशन और मेंटेनेंस से जुड़े सभी अधिकारियों की भूमिका जांच के घेरे में है। (Sakti Plant Accident Update)

युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग

वहीं युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने अपने समर्थकों के साथ डभरा थाने में प्रदर्शन किया। उन्होंने हादसे के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। आकाश शर्मा ने आरोप लगाया कि 25 लोगों की मौत के बावजूद पुलिस ने जमानती धाराओं में FIR दर्ज की है और मामले को संवेदनशील बताकर आरोपियों के नाम उजागर नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मृतकों को न्याय दिलाने की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। इससे पहले उद्योगपति नवीन जिंदल ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर कहा था कि किसी भी व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने से पहले निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी संस्थानों में हादसों के दौरान शीर्ष अधिकारियों को सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया जाता तो निजी क्षेत्र में अलग मानक क्यों अपनाए जा रहे हैं।

जांच टीम गठित, जिम्मेदारों पर कसेगा शिकंजा

एसपी के निर्देश पर एएसपी पंकज पटेल के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई है, जो पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। जांच में तकनीकी खामियों, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रबंधन की जवाबदेही तय करने पर फोकस किया जा रहा है। सक्ति वेदांता प्लांट हादसा अब एक बड़े औद्योगिक लापरवाही के मामले के रूप में सामने आ रहा है, जिसमें मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। जांच के नतीजों और कानूनी कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हैं, जबकि पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहे हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि दोषियों पर कब और कितनी सख्त कार्रवाई होती है। (Sakti Plant Accident Update)

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