स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल का बयान: सर्जरी किट घोटाले की जांच तेज, विधायक पर हमले और NHM हड़ताल पर भी दी प्रतिक्रिया

रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज रविवार को कई ज्वलंत मुद्दों पर स्पष्ट और सख्त रुख जाहिर किया। उन्होंने सर्जरी किट आपूर्ति घोटाले, विधायक की कार पर हमले, एनएचएम कर्मियों की हड़ताल और विपक्ष की आलोचनाओं पर खुलकर जवाब दिया।
सर्जरी किट में गड़बड़ी: दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी
मंत्री ने स्वीकार किया कि हाल ही में खराब और जंग लगे सर्जरी किट के कुछ लॉट की आपूर्ति हुई है। उन्होंने कहा, “जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। यदि व्यापक स्तर पर दोष सामने आते हैं, तो सप्लायर कंपनी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी, यह मंत्री ने दोहराया।
विधायक पर हमला: अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा
विधायक गुरु खुशवंत साहब की कार पर हुए हमले को लेकर मंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा, “ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं, लेकिन सरकार गंभीर है। दोषियों की जल्द गिरफ्तारी होगी। पुलिस को मामले की गहराई से जांच के निर्देश दिए गए हैं।
एनएचएम कर्मियों की हड़ताल पर सरकार की प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है। एनएचएम कर्मियों की मांगों पर विचार किया जा रहा है। केंद्र सरकार से भी मंत्रणा कर समाधान निकालने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एक संवेदनशील और अहम कार्यक्रम है, इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कांग्रेस पर निशाना, भाजपा की प्राथमिकताएं गिनाईं
कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए मंत्री जायसवाल ने कहा, – “कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह सिर्फ विवाद पैदा करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने भाजपा की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि – “विष्णुदेव साय सरकार ने 18 महीनों में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में कई जनहितकारी योजनाएं शुरू की हैं।”
भाजपा विधायक दल की बैठक आज
मंत्री ने बताया कि विधानसभा सत्र से पूर्व यह परंपरागत बैठक है। बैठक में सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर रणनीति बनेगी।उन्होंने दावा किया कि “विपक्ष के पास सवाल नहीं, जबकि भाजपा के पास जवाबों के साथ योजनाएं हैं।
श्याम बिहारी जायसवाल का यह बयान स्पष्ट संकेत है कि राज्य सरकार जवाबदेही और पारदर्शिता के प्रति गंभीर है, चाहे वह स्वास्थ्य विभाग की गड़बड़ी हो, कानून-व्यवस्था की चुनौती हो या कर्मचारी हितों से जुड़ा मामला।



