हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई: रायपुर में अवैध दफ्तर पर चला बुलडोजर, गृहमंत्री बोले- “कानून से बड़ा कोई नहीं”
रायपुर। राजधानी में कर्जखोरी और संगठित अपराध में लिप्त हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं के खिलाफ प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। शनिवार को नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने भाटागांव स्थित साईं नगर में रोहित तोमर के अवैध रूप से निर्मित कार्यालय पर बुलडोजर चलाकर निर्माण को ध्वस्त कर दिया।
प्रशासन की जांच में सामने आया कि उक्त कार्यालय बिना नक्शा पास कराए और अनुमति के अवैध रूप से बनाया गया था। इसी दफ्तर से रोहित तोमर और उसका भाई वीरेंद्र तोमर लंबे समय से सूदखोरी और अवैध वसूली का रैकेट चला रहे थे।
पत्नी के नाम पर कार्यालय, सूदखोरी का गोरखधंधा
सूत्रों के मुताबिक, रोहित तोमर ने यह दफ्तर अपनी पत्नी भावना तोमर के नाम पर खोला था। यहां से दोनों भाई उच्च ब्याज दरों पर कर्ज देकर अवैध वसूली करते थे। आरोपियों पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, और दोनों लंबे समय से फरार हैं।
‘प्रहरी’ की तैनाती, जब्त किया गया सामान
कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए रायपुर पुलिस की स्पेशल टीम ‘प्रहरी’ को भी बुलाया गया था। नगर निगम की टीम ने दफ्तर में मौजूद सभी सामान को जब्त कर बाहर निकालना शुरू किया।
गृहमंत्री विजय शर्मा का कड़ा बयान
इस कार्रवाई पर छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया:-
“विष्णुदेव सरकार में सुशासन है तो चक्र सुदर्शन भी है। किसी मंत्री-मुख्यमंत्री जी के साथ फोटो खिंचवाने से कोई कानून से बड़ा नहीं हो जाता।”
गृहमंत्री का यह बयान साफ संकेत देता है कि अपराधियों को अब राजनीतिक पहुंच का कोई संरक्षण नहीं मिलेगा, और कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा।

जल्द अन्य संपत्तियों पर भी गिरेगी गाज
प्रशासन के मुताबिक, तोमर बंधुओं की अन्य संपत्तियों की जांच भी तेज कर दी गई है। अवैध कमाई और निवेश के स्रोतों को चिन्हित कर आगामी दिनों में और भी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई प्रदेश में यह संदेश दे रही है कि अब अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण की आड़ में नहीं बचाया जाएगा, और सरकार जीरो टोलरेंस की नीति पर सख्ती से काम कर रही है।



