झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन, लंबे समय से थे बीमार
नई दिल्ली/रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का सोमवार सुबह निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में उन्होंने सुबह 8:48 बजे अंतिम सांस ली। वह अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग में भर्ती थे और किडनी संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे।
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अस्पताल की ओर से जारी बयान में कहा गया, “शिबू सोरेन का इलाज हमारे वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. एके भल्ला की निगरानी में किया जा रहा था। हमारी पूरी कोशिशों के बावजूद आज उनका निधन हो गया। यह झारखंड और देश के लिए अपूरणीय क्षति है।”
पीएम मोदी और राजनाथ सिंह ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिबू सोरेन के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें “एक जमीनी और समर्पित नेता” बताया। उन्होंने कहा, “शिबू सोरेन ने आदिवासी समुदायों, गरीबों और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए जीवनभर काम किया। उनका जाना भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है।” पीएम ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात कर संवेदना भी प्रकट की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा, “शिबू सोरेन समाज के कमजोर वर्गों, विशेषकर जनजातीय समुदाय के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे। उनका जीवन जनता और जमीन से जुड़ा रहा।”
हेमंत सोरेन का भावुक संदेश
झारखंड के मुख्यमंत्री और शिबू सोरेन के पुत्र हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर लिखा, “आदरणीय दिशोम गुरुजी हम सभी को छोड़कर चले गए हैं। आज मैं शून्य हो गया हूं।”
उनके इस भावुक संदेश ने पूरे झारखंड को शोक की लहर में डुबो दिया।
झारखंड की राजनीति में ‘गुरुजी’ की भूमिका
शिबू सोरेन को लोग ‘दिशोम गुरुजी’ के नाम से जानते थे। उन्होंने झारखंड अलग राज्य आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई थी और तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे। आदिवासी हितों के लिए उनकी लड़ाई और समर्पण ने उन्हें जन-जन का नेता बना दिया।
उनके निधन से झारखंड की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है।
सरकार की ओर से उनके अंतिम संस्कार के कार्यक्रम की घोषणा जल्द की जाएगी।
ॐ शांति।



