सरकारी स्कूल संस्कार और सामाजिक सद्भावना के केंद्र हैं: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

Minister Gajendra Yadav: छत्तीसगढ़ प्रिंसिपल एसोसिएशन के तत्वावधान में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के प्रेक्षागृह में शैक्षिक संगोष्ठी और अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव शामिल हुए। समारोह की अध्यक्षता अहिवारा विधानसभा के विधायक और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डोमन लाल कोर्सेवाडा ने की। कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक पुरंदर मिश्रा और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शैलेंद्र पटेल उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें:- भारत की संस्कृति का आभूषण है बस्तर, तय समय में होगा नक्सलमुक्त: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि सरकारी स्कूल बच्चों में संस्कार, समानता और सामाजिक सद्भावना के केंद्र हैं, क्योंकि यहां गरीब-अमीर और समाज के सभी वर्गों के बच्चे एक साथ अध्ययन करते हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि पहले संसाधनों के अभाव के बावजूद शासकीय विद्यालयों में नामांकन ज्यादा था, लेकिन आज पर्याप्त संसाधन होने के बाद भी नामांकन में निरंतर गिरावट शिक्षकों और प्राचार्यों के लिए चिंतन का विषय है। यादव ने बताया कि उनके कार्यकाल में पदोन्नति प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई है, जो निरंतर जारी रहेगी और शिक्षकों की जायज मांगों पर समयबद्ध -सार्थक निर्णय लिए जाएंगे। (Minister Gajendra Yadav)

समारोह की अध्यक्षता करते हुए डोमन लाल कोर्सेवाडा ने कहा कि समय के साथ समाज में शिक्षकों के सम्मान की भावना में परिवर्तन आया है। पहले शिक्षक समाज में सर्वोच्च सम्मान का पात्र होता था, किंतु आज स्थिति बदली है। उन्होंने शिक्षकों से समय के प्रति पाबंद रहते हुए पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों के निर्वहन का आह्वान किया। रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने अपने रोचक उद्बोधन से उपस्थित प्राचार्यों को खूब हंसाया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ प्रवास के कारण मुख्यमंत्री इस सम्मेलन में उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के समस्त शिक्षकों और प्राचार्यों की ओर से मुख्यमंत्री का अभिनंदन कार्यक्रम छत्तीसगढ़ प्रिंसिपल एसोसिएशन के माध्यम से उनके विधानसभा क्षेत्र रायपुर उत्तर में आयोजित किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण व्यवस्था वे खुद करेंगे।

कुलपति डॉ. शैलेंद्र पटेल ने कहा कि पदोन्नति के बाद भी प्राचार्यों को अध्यापन कार्य से जुड़े रहना चाहिए और नियमित रूप से कम से कम दो कालखंड पढ़ाना चाहिए। प्रिंसिपल एसोसिएशन के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला ने स्वागत उद्बोधन में सभी पदोन्नत प्राचार्यों को बधाई दी। उन्होंने पदोन्नति प्रक्रिया में संचालनालय से न्यायालय तक संघर्ष में साथ देने वाले साथियों, मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि बीते छह माह में 2800 प्राचार्य, व्याख्याता सहित लगभग 10,000 शिक्षकों और प्रधानपाठकों की पदोन्नति पारदर्शिता के साथ की गई है।

प्रदेश के प्राचार्यों को एक मंच पर लाने के लिए छत्तीसगढ़ प्रिंसिपल एसोसिएशन को फर्म्स और सोसाइटी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत कराया गया है। इस अवसर पर सर्वसम्मति से अनिल शुक्ला को फिर प्रांतीय संयोजक चुना गया। शैक्षिक संगोष्ठी में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंवदा श्रीवास्तव और उनकी टीम ने छात्रों में मानसिक दबाव और अवसाद विषय पर व्याख्यान समेत जागरूकता आधारित टेलीफिल्म का प्रदर्शन किया। (Minister Gajendra YadavMinister Gajendra Yadav)
नौ सूत्रीय मांग पत्र का वाचन
प्रिंसिपल एसोसिएशन के नौ सूत्रीय मांग पत्र का वाचन राकेश शर्मा ने किया। अतिथियों का शाल और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय, विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि ओ.पी. शर्मा, करण सिंह अटेरिया, विद्या भूषण दुबे, गोपाल साहू, जितेंद्र सिंह ठाकुर, सुनील यादव, सूरज प्रसाद देवांगन समेत कोरिया से बस्तर तक सुदूर जिलों से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष प्राचार्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य शिरीष तिवारी ने किया और आभार प्रदर्शन श्याम कुमार वर्मा ने किया।



