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आर्थिक सर्वेक्षण पर विपक्ष का हमला, पूर्व CM भूपेश बघेल बोले- सरकार कर रही आंकड़ों की बाजीगरी 

Politics on Economic Survey: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन यानी 23 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साल 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया, जिसमें प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत और तेजी से बढ़ती हुई बताया गया है। सरकार ने दावा किया है कि आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 6.31 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है और आर्थिक वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत रहने की संभावना है। वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि साल 2024-25 में राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 10.50 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसमें कृषि क्षेत्र में 11.76 प्रतिशत, उद्योग क्षेत्र में 9.91 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र में 10.08 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 

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वहीं 2025-26 के लिए सरकार ने कृषि में 12.53 प्रतिशत, उद्योग में 10.26 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र में 13.15 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया है। उन्होंने कहा कि निवेश आधारित विकास मॉडल, आधारभूत ढांचे के विस्तार और विभिन्न सरकारी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव से राज्य की अर्थव्यवस्था संतुलित विकास की ओर बढ़ रही है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार कृषि क्षेत्र में 12.53 प्रतिशत की संभावित वृद्धि को किसान हितैषी योजनाओं और उत्पादन बढ़ाने वाली नीतियों का परिणाम बताया गया है। (Politics on Economic Survey)

प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी का अनुमान

उद्योग क्षेत्र में 10.26 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया है, जिसे औद्योगिक निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार से जोड़ा गया है। सेवा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 13.15 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया गया है। आईटी, व्यापार और अन्य सेवा गतिविधियों के विस्तार को इसका प्रमुख कारण माना गया है। सर्वेक्षण में स्थिर भावों पर 8.11 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान व्यक्त किया गया है। वहीं वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय 1,79,244 रुपये होने की संभावना जताई गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10.07 प्रतिशत ज्यादा है। सरकार का कहना है कि यह आंकड़े प्रदेश में आय के अवसरों और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार को दर्शाते हैं।

विपक्ष ने उठाए सवाल

आर्थिक सर्वेक्षण पेश होते ही विपक्ष ने सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर किसानों और आम लोगों की समस्याएं अब भी बरकरार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में किसान संकट झेल रहे हैं और आर्थिक सर्वेक्षण वास्तविक स्थिति को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करता। बजट पेश करने की प्रक्रिया पर भी बघेल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार बजट को गंभीरता से नहीं ले रही है और राज्यपाल के अभिभाषण के दूसरे दिन बजट पेश करना परंपरा और गरिमा के अनुरूप नहीं है। 

कांग्रेस विधायक ने दी प्रतिक्रिया

उन्होंने सरकार को थकी और झुकी बताते हुए कहा कि इस बार भी बजट से कोई खास उम्मीद नहीं है। कांग्रेस विधायक शेषराज हरबंस ने भी बजट को लेकर संशय जताया। उन्होंने कहा कि उम्मीद तो है कि बजट अच्छा आए, लेकिन पिछले सालों के अनुभव को देखते हुए संभावना कम लगती है। उनका कहा कि पिछले बजट की 90 प्रतिशत योजनाओं को अब तक प्रशासकीय स्वीकृति नहीं मिली है। नियमों के मुताबिक अगर दो सालों तक स्वीकृति नहीं मिलती तो प्रावधान लैप्स हो जाता है। ऐसे में नए बजट की घोषणाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। (Politics on Economic Survey)

कल पेश होगा छत्तीसगढ़ का बजट

बता दें कि वित्त मंत्री ओपी चौधरी कल 12:30 बजे विधानसभा में साल 2025-26 का बजट पेश करेंगे। उन्होंने कहा है कि इस बार बजट एक विशेष थीम के साथ लाया जाएगा, जो गरीब, युवा और महिलाओं के कल्याण को समर्पित होगा। पिछली बार ‘गति की रणनीति’ के साथ बजट प्रस्तुत किया गया था, जबकि इस बार नई रणनीति के तहत बजट पेश करने की तैयारी है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण में किए गए दावों को बजट में किस तरह जमीन पर उतारने की योजना सामने आती है।

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