Google Analytics —— Meta Pixel

छत्तीसगढ़ के चार जिले के सहायक आयुक्त को शो-कॉज नोटिस, जानिए क्या है पूरा मामला

Notice to Assistant Commissioners: आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक विकास विभाग की मंत्रालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने की। बैठक में विभागीय योजनाओं, आय-व्यय, छात्रावास व्यवस्थाओं के साथ कई विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान प्रमुख सचिव ने विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कुछ जिलों की सराहना की। वहीं बजट का समुचित उपयोग नहीं करने वाले बलौदाबाजार, बेमेतरा, जशपुर और बिलासपुर जिले के सहायक आयुक्तों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें:- खरीफ सीजन से पहले एक्शन में प्रशासन, 16 दुकानों पर छापा, 5 को नोटिस, खाद को लेकर राजनीति भी हुई तेज

आगामी शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखते हुए बोरा ने आश्रम छात्रावासों की व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले दो महीनों के भीतर छात्रावासों में मरम्मत, रंग-रोगन, स्वच्छ शौचालय, पेयजल और विद्युत व्यवस्था सहित सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही सुरक्षा के मद्देनज़र छात्रावासों में अग्निशमन यंत्र और सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश भी दिए गए। ‘प्रोजेक्ट संकल्प’ के तहत छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए ध्यान और योग को शामिल करने की बात कही गई, जिससे उनके सांस्कृतिक, मानसिक और नैतिक विकास को मजबूती मिल सके। इसके अतिरिक्त, सेप्टिक टैंकों की सफाई मैनुअल तरीके से न कराकर नगरीय निकायों के माध्यम से सक्शन मशीनों से कराने के निर्देश दिए गए, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके। (Notice to Assistant Commissioners)

छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा

छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि नई व्यवस्था के तहत पिछले सत्र में 3.3 लाख स्टूडेंट्स को दिसंबर तक 72 प्रतिशत और 31 मार्च तक 99 प्रतिशत छात्रवृत्ति राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई। प्रमुख सचिव ने इस व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया को शीघ्र ऑनलाइन करने के निर्देश दिए, जिससे हार्ड कॉपी जमा करने की आवश्यकता समाप्त होगी और फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी। वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए बोरा ने निर्देश दिए कि सभी मामलों का 15 दिनों के भीतर ग्राम सभाओं के माध्यम से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। निर्माण कार्यों की समीक्षा में उन्होंने स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने और नए छात्रावास निर्माण प्रस्ताव भेजने से पहले अनिवार्य रूप से स्थल निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति न उत्पन्न हो।

छात्रावास निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर

प्रमुख सचिव ने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में लंबित छात्रावास निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बैठक में एकलव्य और प्रयास आवासीय विद्यालयों में एक भी सीट खाली न रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही जवाहर उत्कर्ष योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट विद्यालयों के चयन को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, पीएम जनमन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष, देवगुड़ी और अखरा विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता के साथ जल्द कार्म पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में संयुक्त सचिव बी.के. राजपूत, अनुपम त्रिवेदी, वित्तीय सलाहकार नीरज मिश्रा, अपर संचालक संजय गौड़, जितेंद्र गुप्ता, आर.एस. भोई समेत विभागीय अधिकारी और सभी जिलों के सहायक आयुक्त उपस्थित रहे।

Back to top button
error: Content is protected !!