ED का ताबड़तोड़ एक्शन! भारतमाला-शराब घोटाले में 17 किलो सोना, करोड़ों कैश-हीरे जब्त

रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, भिलाई और अंबिकापुर समेत 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई भारतमाला सड़क परियोजना मुआवजा घोटाले और बहुचर्चित आबकारी (शराब) घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है।
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ईडी की टीमों ने भाजपा और कांग्रेस नेताओं, उनके करीबियों, बड़े ठेकेदारों तथा शराब कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश दी। सुबह शुरू हुई कार्रवाई देर रात तक जारी रही।
बिलासपुर में बड़ी बरामदगी
बिलासपुर में फरार आरोपी विकास अग्रवाल उर्फ सिब्बू के भाई और सराफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के ठिकानों पर छापा मारा गया। मैग्नेटो मॉल स्थित घर और ज्वेलरी शॉप से करीब 17 किलो सोना, लगभग 3 करोड़ रुपये के हीरों के हार और बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
विकास अग्रवाल को शराब कारोबारी अनवर ढेबर का करीबी माना जाता है और वह पिछले चार वर्षों से फरार बताया जा रहा है। कोर्ट उसे वांटेड घोषित कर चुका है।
दुर्ग-भिलाई और अंबिकापुर में भी दबिश
अंबिकापुर में एक कांग्रेस नेता के रिश्तेदार के यहां से बड़ी रकम मिलने की सूचना है। वहीं दुर्ग में भाजपा नेता और अमर इंफ्रा ग्रुप के डायरेक्टर चतुर्भुज राठी के आवास और कार्यालय पर छापा मारा गया।
भिलाई में कारोबारी गोविंद मंडल के ठिकानों पर भी कार्रवाई हुई। उन पर एक ही पते पर दो फैक्ट्रियां संचालित करने का आरोप है, जिसे लेकर विधानसभा में भी सवाल उठ चुके हैं।
नेताओं और अधिकारियों पर शिकंजा
मुआवजा घोटाले में आरोप है कि कुछ नेताओं और उनके रिश्तेदारों ने कम कीमत पर जमीन खरीदकर बैकडेट एंट्री कराई और बाद में करोड़ों रुपये का सरकारी मुआवजा हासिल किया।
ईडी ने रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, दुर्ग और राजनांदगांव समेत 12 जिलों के तत्कालीन कलेक्टरों और राजस्व अधिकारियों की भूमिका की जांच भी शुरू कर दी है।
कोरबा में दो महिला IAS अधिकारियों के करीबी ठेकेदारों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। आरोप है कि किसानों से सस्ती जमीन खरीदकर भारी मुआवजा लिया गया।
दोनों घोटालों की जांच तेज
ईडी की यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर में जमीन अधिग्रहण के दौरान कथित अनियमितताओं और आबकारी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच के तहत की गई है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ स्थानों पर ईडी अधिकारियों के साथ बदसलूकी की खबरें भी सामने आई हैं। एजेंसी अब जब्त सामग्री का मूल्यांकन कर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।



