तीन साल से अटकी वन रक्षक भर्ती, वन मंत्री के बंगले पहुंचे नाराज अभ्यर्थी
Forest Guard Recruitment: छत्तीसगढ़ में 1484 वन रक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों ने मंगलवार को राजधानी रायपुर स्थित वन मंत्री केदार कश्यप के बंगले पहुंचकर प्रदर्शन किया और जल्द लिखित परीक्षा आयोजित कराने की मांग की।अभ्यर्थियों का कहना है कि वन रक्षक भर्ती प्रक्रिया पिछले करीब तीन साल से लंबित है।
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भर्ती के लिए आवेदन करने वाले हजारों युवाओं ने तैयारी में लंबा समय और पैसे लगाए, लेकिन अब तक भर्ती पूरी नहीं हो सकी है। इससे युवाओं में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया के तहत फिजिकल टेस्ट 16 नवंबर 2024 से 20 दिसंबर 2024 तक आयोजित किया जा चुका है। शारीरिक दक्षता परीक्षा पूरी होने के बाद 16 हजार 762 अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए पात्र घोषित किया गया था। इसके बावजूद अब तक लिखित परीक्षा की तारीख घोषित नहीं होने से उम्मीदवारों में भारी नाराजगी है।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार और वन विभाग की ओर से लगातार आश्वासन तो दिए जा रहे हैं, लेकिन परीक्षा को लेकर कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। युवाओं का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक देरी के कारण उनका भविष्य अधर में लटक गया है। कई अभ्यर्थियों की आयु सीमा भी प्रभावित होने लगी है, जिससे चिंता और बढ़ गई है।
वन मंत्री के बंगले पहुंचे अभ्यर्थियों ने ज्ञापन सौंपकर मांग की कि जल्द से जल्द लिखित परीक्षा की तिथि घोषित की जाए और भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। युवाओं का कहना है कि रोजगार के मुद्दे पर सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए, क्योंकि लंबे समय तक भर्ती प्रक्रियाओं का अटकना बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय है।



