PM नरेंद्र मोदी की अपील पर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक घमासान, कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा

Politics on PM Appeal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से पेट्रोल-डीजल, गैस और विदेशी उत्पादों के उपयोग में कटौती की अपील को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, शिव डहरिया, धनेंद्र साहू समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैज ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण देश में महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ी है। उन्होंने कहा कि देश के गरीब और सामान्य वर्ग की हालत ऐसी नहीं रह गई है कि वे सोना खरीद सकें। बैज ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद रायपुर से लेकर सरगुजा तक डीजल और पेट्रोल का संकट शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में देश का हर आदमी कर्जदार हो गया है।
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर जनता से पेट्रोल-डीजल बचाने और खर्च कम करने की अपील की जा रही है तो इसकी शुरुआत भाजपा नेताओं को खुद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपने नेताओं और मुख्यमंत्रियों को लक्जरी गाड़ियां छोड़ने की सलाह दें। बैज ने तंज कसते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार मनाने मुख्यमंत्री साइकिल से जाएं और मंत्री भी लग्जरी वाहनों का उपयोग बंद करें। उन्होंने कहा कि देश के मौजूदा हालात के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है और केंद्र सरकार को जनता से माफी मांगनी चाहिए।

बैज ने आगे कहा कि मोदी सरकार 2014 से ही फेल हो चुकी है, जिस दिन मोदी जी ने शपथ ली, उसके दूसरे दिन से ही महंगाई बढ़नी शुरू हो गई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार इस बात को उठाते आए हैं कि देश की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है, बद से बदतर होती जा रही है और महंगाई लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने कहा था आराम हराम है। मोदी कह रहे हैं- काम मत करो, घर में बैठो। मोदी नागरिकों को काम नहीं करने की सलाह दे रहे। मोदी कह रहे हैं कि वर्क फ्रॉम होम करिए, काम पर मत जाइए। मोदी जी की इस सलाह से फील्ड में काम करने वाले, गली-कूचों में घूमकर सामान बेचने वाले, फेरी लगाने वाले क्या करेंगे?

इससे पहले 11 मई को बैज ने कहा था कि 2013 से आज तक सोना कई गुना महंगा हो गया, लेकिन आम आदमी की कमाई उतनी क्यों नहीं बढ़ी? और अगर इस समस्या का समाधान सिर्फ मत खरीदो ही है, तो फिर सरकार आखिर किस बात की है? लेकिन अपनी नाकामी स्वीकार करने के बजाय, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता को नसीहत दे रहे हैं। एक साल तक सोना मत खरीदो, शादी मत करो। जनता अपनी परंपराएं छोड़े या सरकार अपनी विफलता स्वीकार करे? PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि 2013 में सोना 29 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम था, आज 1 लाख 70 हजार पहुंच गया। 2014 के बाद बढ़ती महंगाई, टैक्स और आर्थिक नीतियों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी। जनता पूछ रही है कि आपने तो कहा था कि चैन और सुकून का जिंदगी दूंगा, लेकिन आप तो उल्टा हमारा खाना ही बंद करा रहे हैं।

बैज ने कहा कि 2013 के बाद महंगाई ने रसोई का बजट ऐसा बिगाड़ा कि रसोई गैस के बाद, अब तेल खाना भी आम आदमी की पहुंच से दूर होने लगा है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाधान बता रहे हैं। तेल कम खाइए। कल शायद कहेंगे दाल महंगी है तो दाल कम खाइए, गैस महंगी है तो खाना मत बनाइए।वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जो हालात बने हैं उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बहुत अच्छी सलाह दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का पैसा कम से कम विदेश जाए, इसके लिए डीजल-पेट्रोल और सोने की खपत को सोच-समझकर कम करना जरूरी है।
कांग्रेस के पास उपाय है तो बताना चाहिए: CM साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसमें सरकार की कोई नाकामी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस को लगता है कि हालात खराब हैं तो उन्हें इसका समाधान भी बताना चाहिए कि ऐसे समय में क्या किया जाना चाहिए। इधर डिप्टी CM अरुण साव ने प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री ने देश की जनता से पेट्रोलियम पदार्थों का कम उपयोग करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि जब भी देश पर इस तरह की परिस्थितियां आती हैं, तब नागरिकों के सहयोग से ही हालात संभलते हैं। साव ने कहा कि पहले भी देश ने ऐसे संकट देखे हैं और एक मजबूत राष्ट्र वही बनता है, जहां नागरिक सरकार के साथ खड़े रहते हैं। (Politics on PM Appeal)
सरकार की कोशिश हमेशा खर्च कम करने की रहती है: कश्यप
कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने भी प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट की स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री ने देशहित में यह अपील की है और आने वाले समय में लोगों को इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। वहीं कांग्रेस की ओर से मंत्रियों के काफिले और सरकारी खर्च कम करने की मांग पर कश्यप ने कहा कि सरकार की कोशिश हमेशा खर्च कम करने की रहती है। उन्होंने कहा कि सरकार स्तर पर इस विषय पर विचार किया जाएगा और जहां जरूरत होगी वहीं संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक परिस्थितियों और आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और गैस का इस्तेमाल कम करने की अपील की है। (Politics on PM Appeal)
PM मोदी की जनता से क्या-क्या अपील ?
PM मोदी ने कहा कि जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दी जाए, अनावश्यक वाहन उपयोग से बचा जाए और मेट्रो, कारपूलिंग समेत सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल किया जाए। PM मोदी ने खाने के तेल की खपत कम करने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता घटाकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, एक साल तक विदेश यात्राएं टालने और सोना खरीदने से बचने की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने विदेशी उत्पादों के आयात और उपयोग को कम कर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का भी आह्वान किया। कुल मिलाकर प्रधानमंत्री की अपील ने देश में आर्थिक हालात, महंगाई और सरकारी नीतियों को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। एक तरफ बीजेपी इसे वैश्विक संकट के बीच देशहित में जरूरी कदम बता रही है तो वहीं कांग्रेस इसे केंद्र सरकार की नाकामी छिपाने की कोशिश करार दे रही है। अब देखना होगा कि जनता इस अपील को कितनी गंभीरता से अपनाती है और इसका राजनीतिक असर आने वाले दिनों में कितना दिखाई देता है।



