ईरान का ऐलान, कहा- अब पीछे हटने की गुंजाइश नहीं, सेना पूरी तरह तैयार, होर्मुज स्ट्रेट में गुजरात का एक और जहाज डूबा

Iran Vs US Tension: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल से बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं बची है। ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमी निया ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध के बाद ईरान की सेना और सुरक्षा बल पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान की सैन्य ताकत का सही आकलन नहीं किया और युद्ध के दौरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मौजूद कई उपकरण तबाह किए गए। अकरमी निया ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना का नियंत्रण है, जबकि पूर्वी हिस्से की जिम्मेदारी ईरान की नियमित नौसेना संभाल रही है।
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इसी बीच होर्मुज स्ट्रेट में एक और भारतीय मालवाहक जहाज हादसे का शिकार हो गया। गुजरात के द्वारका का ‘MSV हाजी अली’ नाम का जहाज 13 मई की सुबह ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी उससे किसी ड्रोन या मिसाइल जैसी वस्तु के टकराने की आशंका जताई गई। टक्कर के बाद जहाज में आग लग गई और बाद में वह डूब गया। ओमान कोस्टगार्ड ने सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया। जहाज मालिक सुलतान अहमद अंसार के मुताबिक जहाज बेरबेरा पोर्ट से शारजाह जा रहा था। क्रू सदस्यों ने बताया कि उन्हें जोरदार विस्फोट की आवाज सुनाई दी थी, जिसके बाद हालात बिगड़ने पर सभी ने लाइफ बोट के जरिए जहाज छोड़ दिया। इससे पहले 7 मई को गुजरात का एक अन्य जहाज MSV AL फैज नूरे सुलेमानी-I भी अमेरिका और ईरान नेवी के बीच फायरिंग की चपेट में आ चुका है।
BRICS मंच से ईरान का हमला
भारत सरकार ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमला स्वीकार नहीं किया जा सकता। विदेश मंत्रालय ने ओमान सरकार को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। मंत्रालय ने कहा कि समुद्री व्यापार और आवाजाही को बाधित करना अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। नई दिल्ली में आयोजित BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजराइल पर ईरान के खिलाफ गैरकानूनी हमले करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट व्यापारिक जहाजों के लिए खुला रहेगा, लेकिन जहाजों को ईरानी नौसेना के साथ समन्वय बनाकर चलना होगा। (Iran Vs US Tension)
BRICS देशों से निंदा की अपील
अराघची ने BRICS देशों से अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई की खुलकर निंदा करने की अपील भी की। वहीं भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित समुद्री आवाजाही को बेहद जरूरी बताया। उधर, अमेरिका ने भी ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने IRGC के वित्तीय नेटवर्क की जानकारी देने वालों के लिए 15 मिलियन डॉलर के इनाम का ऐलान किया है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अब पूरे क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इजराइली हमलों में अब तक 2,896 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 200 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं। (Iran Vs US Tension)
वैश्विक व्यापार पर संकट के बादल
यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि हिंसा और विस्थापन के कारण करीब 7.7 लाख बच्चे गंभीर मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। वहीं इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के मुताबिक होर्मुज संकट के कारण यूरोप में जेट फ्यूल की भारी कमी हो गई है। इजराइल और UAE को लेकर भी बड़ा दावा सामने आया है। इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने दावा किया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान UAE का गुप्त दौरा किया था और राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की थी। हालांकि UAE ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इस बीच ईरान में सरकार समर्थक रैलियों का दौर जारी है। सड़कों पर शाहेद ड्रोन की परेड निकाली गई और लोगों ने इस्लामिक रिपब्लिक और ईरानी सेना के समर्थन में नारे लगाए। दूसरी ओर भारतीय नौसेना होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे भारतीय जहाजों की सुरक्षा में लगातार जुटी हुई है। भारत आ रहा LPG टैंकर MV सनशाइन भी सुरक्षा निगरानी के बीच सुरक्षित तरीके से होर्मुज पार कर रहा है।



