बस्तर के पुलिस सुरक्षा कैंप बनेंगे जनसुविधा केंद्र, नेतानार से होगी नई पहल की शुरुआत, शाह करेंगे शुभारंभ

Netanar Public Utility Centre: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में अब सुरक्षा कैंप सिर्फ नक्सल ऑपरेशन का केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि आम लोगों के लिए जनसुविधा और विकास के केंद्र के रूप में भी विकसित किए जाएंगे। बस्तर के नेतानार स्थित सीआरपीएफ कैंप से इस नई पहल की शुरुआत 18 मई को होने जा रही है, जिसका शुभारंभ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे। राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत बस्तर के सुरक्षा कैंपों में जनसुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल सुरक्षा और विकास को साथ लेकर चलने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
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डिप्टी CM और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर के नेतानार में पहला पुलिस कैंप जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ गृहमंत्री अमित शाह करेंगे। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे बस्तर के अन्य सुरक्षा कैंपों को भी इसी तरह जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। शर्मा ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि सुरक्षा कैंप स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच भरोसे का मजबूत माध्यम बनें, ताकि दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों तक योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंच सके। नई योजना के तहत बस्तर संभाग के सुरक्षा कैंपों की 3 से 4 बैरकों को जनसुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां ग्रामीणों को डिजिटल सेवा केंद्र की सुविधा मिलेगी, जहां वे दस्तावेज, प्रमाण पत्र और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। (Netanar Public Utility Centre)
बदलती तस्वीर का संकेत
वहीं युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने में मदद मिल सके। जंगल आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस यानी लघु वनोपज की प्रोसेसिंग गतिविधियां भी कैंपों में संचालित करने की योजना है। इस व्यवस्था के तहत एक ही परिसर में सुरक्षाबलों की तैनाती भी रहेगी और विकास से जुड़ी गतिविधियां भी समानांतर रूप से संचालित होंगी। बस्तर कभी नक्सलवाद की पहचान से जाना जाता था, लेकिन अब वहां हालात तेजी से बदल रहे हैं, जिन इलाकों में कभी सुरक्षा कैंप सिर्फ रणनीतिक और ऑपरेशनल जरूरतों के लिए बनाए गए थे, अब वही कैंप स्थानीय लोगों के लिए सुविधाओं और विकास के नए केंद्र बनने जा रहे हैं।
बस्तर IG सुंदरराज पी. ने दी जानकारी
बस्तर IG सुंदरराज पी. ने बताया कि बस्तर में नक्सल गतिविधियां लगभग समाप्त हो चुकी हैं। ऐसे में सुरक्षा कैंपों के कुछ हिस्सों का उपयोग जनता की मूलभूत सुविधाओं के लिए करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सेवा केंद्र, स्किल डेवलपमेंट और माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस प्रोसेसिंग जैसी गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की जा रही है और योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। कभी बंदूक और बारूद की आवाजों से पहचाना जाने वाला बस्तर अब विकास, विश्वास और बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। सुरक्षा कैंपों का जनसुविधा केंद्र में बदलना सिर्फ एक प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि उस बदलते बस्तर की तस्वीर है जहां अब सुरक्षा के साथ-साथ सुविधाओं और विकास की रोशनी भी गांव-गांव तक पहुंचाने की कोशिश हो रही है।



