स्वीडन में PM नरेंद्र मोदी बोले- आतंकवाद पूरी मानवता के लिए गंभीर खतरा, हम आतंक फैलाने वालों के खिलाफ जारी रखेंगे लड़ाई

PM Modi in Sweden: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन दौरे के दौरान गोथेनबर्ग में आयोजित ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ में CEOs से मुलाकात की। साथ ही कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत और स्वीडन के संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन, मानव केंद्रित विकास की मजबूत नींव पर आधारित हैं। बैठक में हमने हर क्षेत्र में हमारे बढ़ते सहयोग को देखते हुए अपने संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप में बांधने का निर्णय लिया। इसके अंतर्गत हम हरित संक्रमण, रक्षा, उभरती हुई प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों जैसे मुख्य स्तंभों पर आगे बढ़ेंगे।
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PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि AI, हेल्थ टेक और ग्रीन मोबिलिटी जैसे हाईटेक क्षेत्रों में हमारे सहयोग की बहुत बड़ी संभावना है। दोनों देशों के स्टार्टअप और रिसर्च इकोसिस्टम के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए हम इंडिया-स्वीडन साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर बनाने जा रहे हैं। हम स्वीडन की टेक्नोलॉजी और भारत के स्केल को मिलाकर पूरे विश्व के लिए क्लाइमेट सॉल्यूशन तैयार कर सकते हैं। रक्षा के क्षेत्र में हमारा सहयोग निरंतर बढ़ रहा है। स्वीडन की कंपनियों द्वारा भारत में उत्पादन सुविधाएं बनाना इस बात का प्रमाण है कि हम खरीदार-विक्रेता संबंध से दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारी की ओर बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज की तनावपूर्ण वैश्विक परिस्थिति में भारत और स्वीडन के बीच करीबी सहयोग बहुत महत्व रखता है। विभिन्न तनावों और समस्याओं के समाधान के लिए भारत ने सदैव बातचीत और कूटनीति पर बल दिया है। भारत और स्वीडन सहमत है कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती है। हम आतंकवाद और उसके समर्थकों के विरुद्ध लड़ाई जारी रखेंगे। मुझे खुशी है कि यह बैठक गोथेनबर्ग में आयोजित की जा रही है। एक ऐसा शहर जो नवाचार के साथ-साथ यूरोप के विनिर्माण की भावना का एक जीवंत प्रतीक है। यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री जैसे प्रतिष्ठित मंच को संबोधित करना मेरे लिए सम्मान की बात है। (PM Modi in Sweden)

PM मोदी ने कहा कि आज भारत और यूरोप के संबंध एक नए टर्निंग पॉइंट पर है। सरकारों के स्तरों पर हमने महत्वाकांक्षी और रणनीतिक एजेंडा तय किया है। भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बन चुकी है। हमारा प्रयास है कि इसे जल्द से जल्द लागू किया जाए। सुरक्षा और रक्षा साझेदारी तथा मोबिलिटी समझौते ने भी हमारे सहयोग को एक नई दिशा दी है। भारत और यूरोप एक संतुलित, सुरक्षित और सतत विश्व के लिए रणनीतिक साझेदार हैं। हालांकि, सरकारें केवल ढांचा, सहायता संरचनाएं और नीतिगत दिशा ही प्रदान कर सकती हैं। जमीनी स्तर पर असली बदलाव आप सभी के प्रयासों से ही संभव होगा। इसलिए, मैं आप सभी को भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए आमंत्रित करने आया हूं। सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के तौर पर, भारत आज एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है, हमारे स्टार्टअप AI, फिनटेक, स्पेस, ड्रोन, बायोटेक, क्लाइमेट टेक और मोबिलिटी में वैश्विक समाधान बना रहे हैं। आज भारत के पास प्रतिभा, पैमाना, मांग और स्थिरता है और सबसे बड़ी बात भारत में 140 भारतीयों की इच्छा शक्ति है। इसलिए, अब समय आ गया है कि हम ‘इरादे’ से ‘निवेश’ की ओर बढ़ें। AI, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और डीप टेक विनिर्माण के क्षेत्र में अग्रणी कंपनियां जैसे ASML, NXP, SAP और जेमिनी, आज यहां मौजूद हैं। मैं आप सभी को भारत के तेजी से विकसित हो रहे संपूर्ण प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित करता हूं। भारत का विजन स्पष्ट है कि तकनीकी नवाचार की अगली लहर भारत में सह-निर्मित होनी चाहिए। (PM Modi in Sweden)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वैक्सीन, डिजिटल स्वास्थ्य, पोषण और मेडिकल उपकरणों के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। आप ‘डिसाइन फॉर इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘एक्सपोर्ट इन इंडिया’ के मॉडल पर आगे बढ़ सकते हैं। हम साल में एक बार भारत-यूरोप CEO राउंडटेबल का आयोजन कर सकते हैं। इसमें भारत और यूरोप की उद्योग निकायों को जोड़ा जा सकता है। क्षेत्र-विशिष्ट कार्य समूह भी बनाए जा सकते हैं। भारत और यूरोप की साझेदारी केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है। यह साझा मूल्यों की साझेदारी है। यह लोकतंत्र और विविधता की साझेदारी है। यह भरोसे और पारदर्शिता की साझेदारी है। आज के विश्व में जहां अनिश्चितता है, सप्लाई चेन दबाव में है, तकनीत में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, ऊर्जा सुरक्षा और क्लाइमेट एक्शन दोनों को चुनौती दी जा रही है, ऐसे में भारत और यूरोप मिलकर स्थिरता, निरंतरता और साझा समृद्धि के मजबूत स्तंभ बन सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं आप सभी को भारत की विकास यात्रा से जुड़ने के लिए आमंत्रित करता हूं। मुझे विश्वास है कि आज गोथेनबर्ग से जो संवाद शुरू हो रहा है वह आने वाले सालों में भारत और यूरोप की औद्योगिक साझेदारी का एक नया अध्याय लिखेगा। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन से मुलाकात कर प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की थी। इसके बाद यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ बैठक की थी। वहीं PM नॉर्वे के ओस्लो के लिए रवाना हो गए हैं। इससे पहले उन्होने स्वीडन यात्रा की झलकियां साझा की। साथ ही ट्वीट कर कहा कि मेरी स्वीडन यात्रा के कई महत्वपूर्ण परिणाम रहे, जिनसे भारत-स्वीडन संबंधों को नई गति मिलेगी। हमारे संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने, ‘संयुक्त नवाचार साझेदारी 2.0’ और ‘भारत-स्वीडन प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता कॉरिडोर’ शुरू करने से लेकर, अगले 5 सालों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करने तक ये चर्चाएं बेहद सार्थक रहीं। मैं स्वीडन की जनता, स्वीडन की सरकार और प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन को उनके स्नेह और मित्रता के लिए धन्यवाद देता हूं।




