Bitcoin Fraud Case : बिटकॉइन घोटाले की जांच की आंच छ्त्तीसगढ पहुंची, ED ने गौरव मेहता के घर पर मारा छापा

Bitcoin Fraud Case : बिटकॉइन घोटाले के मामले में जांच कर रही ईडी के अधिकारी आज रायपुर में गौरव मेहता के घर पहुंचे। उन्होंने यहां दस्तावेजों सहित पूरे घर की तलाशी ली। गौरव मेहता एक कंसल्टेंसी के लिए काम करते हैं, जो पुणे पुलिस को अमित भारद्वाज के 6600 करोड़ के क्रिप्टोकरेंसी घोटाले की जांच में मदद कर रही थी।
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कल पूर्व आईपीएस रवींद्रनाथ पाटिल ने दावा किया था। गौरव मेहता से सुप्रिया सुले और नाना पटोले ने संपर्क किया था और चुनाव में उपयोग के लिए घोटाले से बिटकॉइन नकद की मांग की थी। इसी के बाद से ईडी इसकी जांच में जुटी है। जानकारी के मुताबिक गौरव मेहता एक साइबर एक्सपर्ट है। बिटकॉइन केस में गौरव ही सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। गौरव ने खुद के पास बिटकॉइन वॉलेट होने की जानकारी दी थी। इसमें उसने यह भी बताया था कि उसके ऊपर भी कुछ लोग हैं जो राजनीति से जुड़े हैं। (Bitcoin Fraud Case)
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब महाराष्ट्र के पूर्व आईपीएस अधिकारी रवींद्रनाथ पाटिल ने एनसीपी नेता सुप्रिया सुले और महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि 2018 के क्रिप्टोकरेंसी घोटाले में शामिल बिटकॉइन का इस्तेमाल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में धन जुटाने के लिए किया गया।
पाटिल ने आरोप लगाया कि पुणे के तत्कालीन पुलिस आयुक्त अमिताभ गुप्ता और साइबर अपराध शाखा की तत्कालीन उपायुक्त भाग्यश्री नौटके ने घोटाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जब बिटकॉइन घोटाले के आरोपी अमित भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया था, तो उसके पास मौजूद क्रिप्टो वॉलेट से बिटकॉइन को बदल दिया गया। (Bitcoin Fraud Case)



