लापरवाही बरतने पर उपवन क्षेत्रपाल और वनपाल बीट प्रभारी निलंबित, पढ़ें पूरी खबर

Action in Katghora: वन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार वन तस्करों और वनपरिक्षेत्र में अवैध कार्य करने वालों पर वन विभाग की सख्त कार्रवाई जारी है। कोरबा के कटघोरा वन मंडल के अंतर्गत कोयले का अवैध उत्खनन और परिवहन के मामले में लापरवाही बरतने के कारण उपवन क्षेत्रपाल उज्जैन सिंह पैंकरा और वनपाल बीट प्रभारी अरूण कुमार राजपूत को निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में विभाग द्वारा निलंबन आदेश जारी कर दिया गया है।

यह भी पढ़ें:- आदिवासियों के सम्मेलन में शामिल हुए CM भूपेश बघेल, पढ़ें पूरी खबर

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कोरबा जिले के कटघोरा वनमंडल के पसान परिसर के जल्के वृत्त के अंतर्गत परिसर बीजाडाड़ के कक्ष क्रमांक पी. 198 में कोयले का अवैध उत्खनन कर परिवहन करने के लिए 620 बोरी को भरकर रखा गया था। सूचना प्राप्त होते ही बोरी को मौके पर जब्त किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में उपवन क्षेत्रपाल उज्जैन सिंह पैकरा और वनपाल बीट प्रभारी अरूण कुमार राजपूत द्वारा अवैध खनन के संबंध में मुखबिरों द्वारा पूर्व में सूचना देने के बाद भी इनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि लापरवाही और निष्क्रियता बरती गई। (Action in Katghora)

विभाग द्वारा दोनों कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा के नियम के तहत निलंबित की कार्रवाई की गई है। वहीं वनोपज से वन आश्रितों के जीवन में बेहतर बदलाव आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासियों के हित में काम करते हुए कई यहां कार्य किए हैं। लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य में खरीदी, दाम में बढ़ोत्तरी, कृषि और लघु वनोपजों का संग्रहण, वैल्यू एडिशन जैसे कार्यों से न केवल वनांचल क्षेत्रों में लोगों को रोजगार मिला है बल्कि उनके जीवन में बदलाव भी आ रहे हैं। आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पेयजल, सड़क, सामुदायिक भवनों जैसी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। वनाश्रितों के अधिकारों में भी वृद्धि हुई है। (Action in Katghora)

तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में छत्तीसगढ़ सरकार ने कई कदम बढ़ाए हैं, यही कारण है कि तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के जीवन में खुशहाली की बयार है। तेंदूपत्ता पहले जहां 2500 रुपए प्रति मानक बोरा खरीदा जाता था आज उसे बढ़ाकर 4000 रुपए प्रति मानक बोरे में खरीदा जा रहा है, प्रति मानक बोरा में कल 1500 रुपए की वृद्धि की गई। प्रदेश में अब तक संग्राहकों से तीन चौथाई तेंदूपत्ता का संग्रहण किया जा चुका है। राज्य में अब तक संग्रहित मात्रा में से वनमण्डल बीजापुर में 81 हजार मानक बोरा तथा सुकमा में एक लाख 22 हजार 310 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण शामिल है। इनमें वनमंडल सुकमा में लक्ष्य एक लाख 8 हजार मानक बोरा के विरूद्ध एक लाख 22 हजार 310 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हो चुका है। (Action in Katghora)

Back to top button