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आसिम मुनीर बने देश के सबसे ताकतवर सैन्य कमांडर, पाकिस्तान की परमाणु कमान पूरी तरह सेना के पास

Asim Munir Become CDF: पाकिस्तान सरकार ने जनरल आसिम मुनीर को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) नियुक्त कर दिया। दोनों पदों पर उनका कार्यकाल 5-5 साल का होगा। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सिफारिश पर इस नियुक्ति को मंजूरी दी। यह पहली बार है जब पाकिस्तान में कोई अधिकारी एक साथ दोनों शीर्ष सैन्य पद संभाल रहा है। मुनीर को इसी साल फील्ड मार्शल के पद पर भी प्रमोट किया गया था।

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पाकिस्तान सरकार ने एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू के कार्यकाल में 2 साल की बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी है। यह एक्सटेंशन उनके मौजूदा पांच साल के कार्यकाल यानी मार्च 2026 के बाद लागू होगा। 12 नवंबर को पाकिस्तान की संसद ने 27वां संविधान संशोधन पास किया था, जिसके बाद CDF का नया पद बनाया गया। इस पद पर नियुक्त होते ही मुनीर के पास पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की कमान भी चली गई। इससे वे देश के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति बन गए हैं। 29 नवंबर 2022 को आसिम मुनीर को आर्मी चीफ बनाया गया था। उनका मूल कार्यकाल 3 साल का था, जो 28 नवंबर 2025 को पूरा हो गया। मुनीर के कार्यकाल को सुरक्षित रखने के लिए पिछले साल संसद ने कानून बदलकर सेना प्रमुख का कार्यकाल 3 से बढ़ाकर 5 साल कर दिया था।

CJCSC की जगह CDF पद

संविधान संशोधन के तहत चेयरमैन जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) का पद हटाकर CDF पद बनाया गया, जो तीनों सेनाओं के बीच समन्वय का काम करेगा। शाहिद शमशाद मिर्जा के 27 नवंबर को रिटायर होने के बाद CDF की नियुक्ति लंबित थी। अब यह जिम्मेदारी भी मुनीर को मिल गई है। CDF के नोटिफिकेशन में देरी को लेकर पाकिस्तान में विवाद बढ़ गया था। PTI ने कहा था कि इससे साफ है कि शहबाज शरीफ अब सेना पर कंट्रोल नहीं रख पाए हैं। पीपीपी नेता रजा रब्बानी ने कहा कि क्या संविधान के अलावा कोई छिपी वीटो पावर काम कर रही है ? कई पूर्व सेनाधिकारियों ने इस देरी को अपमानजनक बताया था।

भारतीय सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता

भारत के पूर्व NSAB सदस्य तिलक देवाशेर ने कहा कि शहबाज शरीफ ने जानबूझकर खुद को इस प्रक्रिया से दूर रखा था। उन्होंने आशंका जताई थी कि अपनी बढ़ी ताकत दिखाने के लिए मुनीर भारत के खिलाफ कोई तनाव बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। 27वें संविधान संशोधन का सबसे बड़ा बदलाव नेशनल स्ट्रैटिजिक कमांड (NSC) का गठन था, जिसके मुताबिक अब पाकिस्तान के परमाणु हथियारों और मिसाइल सिस्टम का नियंत्रण NSC करेगी, जिसे पहले प्रधानमंत्री की अगुआई वाली नेशनल कमांड अथॉरिटी (NCA) चलाती थी। महत्वपूर्ण बात यह कि NSC का कमांडर सिर्फ आर्मी का अधिकारी होगा। नियुक्ति प्रधानमंत्री की मंजूरी से होगी, लेकिन सिफारिश CDF यानी मुनीर ही करेंगे। इससे पूरी परमाणु कमान अब सेना के हाथ में आ गई है।

यूएन ने जताई चिंता, पाकिस्तान ने किया खारिज

संविधान संशोधन के बाद संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार एजेंसी ने चेतावनी दी कि यह बदलाव न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कानून-व्यवस्था को कमजोर कर सकते हैं। हाई कमिश्नर वोल्कर टर्क ने कहा कि संशोधन ‘रूल ऑफ लॉ’ को खतरा पहुंचा सकता है। हालांकि पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया था। इन बदलावों के बाद पाकिस्तान में सत्ता संरचना बड़े पैमाने पर बदल गई है। आसिम मुनीर अब सेना, तीनों सेवाओं की कमान और परमाणु हथियारों के नियंत्रण यानी तीनों शक्तियां एक साथ अपने पास रखेंगे। इससे वे पाकिस्तान के सबसे शक्तिशाली सैन्य नेता बन गए हैं और इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। (Asim Munir Become CDF)

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