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अंधविश्वास की हद पार! मरे हुए इंसान को जिंदा करने घरवालों ने 16 घंटों तक किया ये काम

बिहार न्यूज : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। आज जमाना कंप्यूटर साइंस तक पहुंच चुका है लेकिन फिर भी आज की जमाने में भी लोग अंधविश्वास की जड़ों में ऐसे जकड़े हुए हैं कि उन्हें उनसे बाहर निकाल पाना मुश्किल दिखाई पड़ रहा है ।

मनियारी थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले नवीन पंडित के बेटे मोनू पंडित की रविवार देर रात मौत हो गई। मृतक के परिजन शव को लेकर शमसान पहुंचे। इसी बीच परिजनों को किसी ने बहका दिया कि इस मौत का कारण तंत्र-मंत्र और डायन है। फिर क्या था, परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने की बजाय झाड़-फूंक करना शुरू कर दिया।

16 घंटों तक चलता रहा तमाशा

हैरान कर देने वाली बात तो ये है कि यह तमाशा करीब 16 घंटों तक चलता रहा।इस दौरान शमसान घाट पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी रही।जानकारी के अनुसार, मृतक के परिजन एक दूसरे राज्य में बैठे तांत्रिक से वीडियो कॉल के जरिए जुडे़ और उनके पास बैठा एक तांत्रिक 16 घंटों तक वीडियो कॉल पर कही गई बातों को मानता रहा।

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यह मृत्यु साधारण मृत्यु नहीं है’

बता दें कि पास बैठा तांत्रिक लगातार ये दावा कर रहा था कि यह मृत्यु साधारण मृत्यु नहीं है बल्कि मोनू को जादू टोने द्वारा डायन के कारण मारा गया है।तांत्रिक का कहना था, ‘जादू-टोना होता है।कोशिश कर रहे हैं कि जिंदा हो जाए।थोड़ा समय ज्यादा हो गया है इसलिए दिक्कत हो रही है, अगर मौत होने के तुरंत बाद जादू-टोना किया जाता तो बचाया जा सकता था

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अंधविश्वास में डूबे दिखे परिजन

इस दौरान मृतक के परिजनों को भी अंधविश्वास में पूरी तरह डूबे देखा गया।उनका कहना था कि महाराज जल्द ही मोनू को फिर से जिंदा कर देंगे। हालांकि, बाद में ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समझाने के बाद परिजन शव को जलाने के लिए तैयार हुए और मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।

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