India-Canada Tensions : कनाडा ने भारत से वापस बुलाए 41 राजनयिक, भारत ने दिया था देश छोड़ने का आदेश

India-Canada Tensions : कनाडा ने विवाद के बीच भारत में मौजूद अपने 41 राजनयिकों को वापस बुला लिया है जिसकी जानकारी कनाडा की विदेश मंत्री ने दी. इसके अलावा कनाडा ने चंडीगढ़, मुंबई और कर्नाटक में कॉन्सुलेट सर्विसेज पर भी रोक लगा दी है.

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विदेश मंत्री Mélanie Joly ने गुरुवार को राजनयिकों को वापस बुलाने की सूचना दी. इसके साथ ही विदेश मंत्री ये भी बोलीं कि कनाडा जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा. ट्रूडो सरकार के मुताबिक, राजनयिकों को देश छोड़ने का भारत का आदेश अनुचित है जो राजनियक संबंधों को लेकर किए बने वियना कन्वेंशन का भी उल्लंघन है.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री बोलीं कि, भारत की कार्रवाइयों के चलते ही कनाडा ने अपने राजनयिकों को वापस बुलाने का फैसला किया. कनाडा ने स्पष्ट किया कि कनाडा, भारत की कार्रवाई का कोई रिस्पॉन्स नहीं देगा.

क्या है भारत-कनाडा के बीच विवाद की वजह?

दरअसल, खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की इस साल जून में सर्रे शहर में एक गुरुद्वारे में हत्या कर दी गई. इस हत्या के बाद कनाडा में रहने वाले खालिस्तान समर्थकों ने कनाडाई सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. उनका कहना था कि इस हत्या में भारत का हाथ है. इसके बाद सितंबर में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में आकर निज्जर की हत्या का आरोप भारत पर लगाया. साथ ही ओटावा में मौजूद भारत के टॉप राजनयिक को देश छोड़ने का आदेश दिया. (India-Canada Tensions)

भारत ने ट्रूडो के दावे को खारिज करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया. इसके बाद भारत ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कनाडाई राजनयिक को देश छोड़ने का आदेश दिया. यहीं से भारत-कनाडा के बीच रिश्तों के बिगड़ने की शुरुआत हुई. इसके बाद अक्टूबर के पहले हफ्ते में खबर आई कि भारत ने नई दिल्ली में मौजूद कनाडा के 41 राजनयिकों को कहा है कि वह देश छोड़कर चले जाएं. भारत में कनाडा के कुल मिलाकर 62 राजनयिक हैं. (India-Canada Tensions)

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